प्रयागराज। एयरफोर्स के कमांडर वर्क्स इंजीनियर सत्येंद्र नारायण की हत्या की विवेचना का दायरा बढ़ने के साथ ही नए-नए तथ्य भी सामने आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि 13 मार्च की घटना पर ध्यान दिया गया होता तो शायद वारदात न होती। मगर इस मामले में कुछ स्तर पर शिथिलता बरती गई, जिस कारण एक परिवार को आजीवन दर्द मिल गया।
सीडब्ल्यूई ने 15 मार्च को एयरफोर्स की सीओ सीएसी को ईमेल भेजकर जान-माल के गंभीर नुकसान की आशंका जताई थी। शिकायत में उल्लेखित किया गया कि 13 मार्च की रात ढाई बजे नार्थ कैंप स्थित आवास में चोरी का प्रयास किया गया। बदमाशों ने कटर से दरवाजे की मच्छरदानी काटने की कोशिश की। बाहर से आ रही असामान्य आवाज सुनकर वह जाग गए और बेडरूम की खिड़की से निरीक्षण किया। बाहर जाकर ललकारने पर बदमाश भाग गए।
मामले की सूचना तुरंत नार्थ कैंप के गार्ड रूम को दी गई और वायुसेना पुलिस ने घटना की जानकारी लेने के लिए आवास का दौरा किया। 14 मार्च की सुबह एक बदमाश का एक जूता बाउंड्री वाल से सटे नाले में मिला, जिसे प्रोवोस्ट टीम ने उठा लिया। इसके अलावा बाउंड्री वाल पर टाट कसते समय एक चाकू, पाइप राड और ग्रिल कटर भी मिला, जो कि उनके जीवन और संपत्ति को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने के बदमाशों के दुर्भावनापूर्ण इरादे को दर्शाता है।
मुख्य सुरक्षा दीवार के पास एक प्लायर पाया गया और एक पेड़ के पास कंसर्टिना काइल को काटकर निकाला गया। उन्होंने अनुरोध किया था घटना को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर बदमाशों को पकड़ा जाए, ताकि भविष्य में सैन्य क्षेत्र में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी गंभीर शिकायत होने के बावजूद मामले की एफआइआर सिविल थाने में दर्ज नहीं कराई गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *