कानपुर। पहली पत्नी ने रमजान का हवाला देकर संबंध बनाने से इन्कार कर दिया तो युवक ने अपने 13 वर्षीय नाबालिग दोस्त के साथ कुकर्म करने की योजना बना डाली। नाबालिग को लड़की से मिलाने के बहाने खंडहर में ले गया। वहां बंधक बनाकर कुकर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर हत्या कर दी और शव को कुएं में फेंक दिया। साजिश में युवक का साथ देने वाले दोस्त को पुलिस ने पहले पकड़ा तो शव कुएं से बरामद हो सका।
मुख्य आरोपित रविवार को गिरफ्त में आया तो पूरी कहानी सामने आ गई। पूछताछ में बताया कि उसने तीन शादियां की थीं। तीनों पत्नियों को छोड़ चुका है, लेकिन इस बीच पहली पत्नी से उसने फिर बातचीत शुरू कर दी।
मुख्य आरोपित अजहर ने दोस्त नजर अली से नाबालिग दोस्त को फोन कराकर लड़की से मिलाने का लालच दिलवाया। नजर अली नाबालिग को लेने पहुंचा। बीच में अजहर भी मिल गया। दोनों उसे गांव से एक किलोमीटर दूर खंडहर में ले गए। तीनों वहां पहुंचे तो कोई लड़की नहीं थी।
नाबालिग ने पूछा तो दोनों ने उसे दबोच लिया और उसके हाथ रस्सी से बांध दिए। इसके बाद उससे कुकर्म की कोशिश की। विरोध करने पर उसी रस्सी से गला कस दिया। उसे मरा समझ आरोपित उसे लेकर कुएं की ओर जाने लगे तो इस बीच उसकी सांसें फिर चलने लगीं। तब पेचकस, सरिया और पत्थर के ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी और शव कुएं में फेंक किया।
नाबालिग के शरीर पर 20 से ज्यादा चोटों के निशान मिले हैं। अजहर ने किशोर के मोबाइल फोन से उसके ही पिता को मैसेज कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से नजर अली को गिरफ्तार कर लिया। किशोर का मोबाइल फोन उसी के पास बरामद हुआ। पुलिस ने नजर अली को शुक्रवार को जेल भेज दिया, जबकि अजहर को रविवार को पकड़ा। अजहर का बड़ा भाई शीबू सपा कार्यकर्ता है।

आरोपित की तलाश में बुर्का पहनकर गई थी महिला दारोगा

इंस्पेक्टर जनार्दन सिंह यादव ने बताया कि अजहर बहुत चालाक है। फरारी के दौरान उसने अपना मोबाइल फोन घर में छोड़ा और दूसरा फोन व पुराना सिम लेकर फर्रुखाबाद चला गया। सर्विलांस की मदद से तलाश शुरू की तो एटा स्थित रिश्तेदारी व ससुराल के पास के गांव में कुछ समय रुकने की जानकारी हुई। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र होने की वजह से महिला दारोगा को बुर्का पहनाकर तलाश कराई गई।

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