उत्तर प्रदेश के संभल जिले के पुलिस सर्किल ऑफिसर अनुज़ चौधरी का ब्यान कानून व्यवस्था को लेकर था-अशोक बालियान, पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन
पूर्व चैंपियन व अर्जुन अवॉर्ड मिलने वाले अनुज चौधरी की पहचान मजबूत कद काठी के साथ-साथ एक बेधड़क अंदाज वाले पुलिस अफसर के तौर पर है। इस बार संभल में होली का त्योहार शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने को लेकर कोतवाली में पीस कमेटी की एक बैठक में सीओ अनुज चौधरी ने मुस्लिम समुदाय से अपील की थी कि होली के दिन वे घरों से न निकलें।
उन्होंने कहा कि सिर्फ वही लोग बाहर निकलें जिन्हें रंग से कोई आपत्ति न हो। सीओ अनुज चौधरी ने कहा कि होली साल में एक बार आती है, जबकि साल में 52 जुमे होते हैं। इस मीटिंग में यह सहमति बनी कि होली का रंग खेलने के बाद जुमे की नमाज अदा की जाएगी, ताकि कोई अनावश्यक विवाद की सम्भावना न रहे।
कानून व्यवस्था पर दिए गए सीओ अनुज चौधरी के ब्यान पर कुछ धार्मिक व् राजनैतिक नेता सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ ब्यान दे रहे है। जबकि इन धार्मिक व् राजनैतिक नेताओं की जबान पर मुरादाबाद में एक दलित बेटी के साथ हुए अत्याचार पर ताला लगा हुआ है, क्योकि इस घटना में एक विशेष समुदाय के अभियुक्त शामिल है।
समाजवादी पार्टी की सरकार में उत्तरप्रदेश में आतंकवादी छोड़े जाते थे। मुज़फ्फरनगर में जाट समुदाय को वर्ष 2013 में कुचलने का प्रयास भी समाजवादी पार्टी की सरकार में ही हुआ था। इसीलिए उत्तरप्रदेश में गुंडों को प्रश्रय देने वाली सपा की सरकार आने की सम्भवना नहीं हैं।
संभल में जामा मस्जिद विवाद को लेकर 24 नवंबर को हुई हिंसा के बाद प्रशासन होली के त्योहार को लेकर अलर्ट है। इस बार संयोग से होली वाले दिन शुक्रवार है और इस दिन मुस्लिम समुदाय मस्जिद में नमाज अदा करता है।
संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान जब हिंसा भड़क गई थी, तो वो दंगाइयों की गोली से घायल भी हुए थे। इसके बाद सीओ अनुज चौधरी का एक बयान काफी वायरल हुआ था, जिसमें वह कह रहे थे कि पुलिस को भी आत्मरक्षा का अधिकार है और पुलिसकर्मी मरने के लिए पुलिसबल में भर्ती नहीं हुए हैं।
सीओ अनुज चौधरी जब रामपुर में तैनात थे, उस समय उनकी सपा नेता आजम खान से भी कहा-सुनी हो गई थी। अनुज चौधरी और आजम खान के बीच हुई इस बहस का वीडियो भी वायरल हुआ था।
मुजफ्फरनगर के ग्राम बहेड़ी से ताल्लुक रखने वाले अनुज चौधरी ने वर्ष 2002 और 2010 के नेशनल गेम्स में दो सिल्वर मेडल जीते थे और एशियाई चैंपियनशिप में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। वर्ष 1997 से 2014 तक वो कुश्ती में नेशनल चैंपियन रहे।
वर्ष 2001 में उन्हें लक्ष्मण अवॉर्ड मिला था। वर्ष 2004 एथेंस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वर्ष 2005 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड मिला था। इसके बाद अनुज चौधरी को यूपी सरकार में स्पोर्ट्स कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में नौकरी मिली और वर्ष 2012 बैच के डिप्टी एसपी बनाए गए थे।

