मथुरा। 39 वर्ष पहले लेखपाल द्वारा कागजों में मृत दर्शाए गए 70 वर्षीय किसान को डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने तीन दिन में जिंदा करवा दिया। सोमवार को किसान ने डीएम से जिंदा करवाए जाने की गुहार लगाई और गुरुवार को उसे न्याय मिल गया।
किसान पिछले चार दशक से तहसील के चक्कर काट रहा था। दोषी लेखपाल के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। साेमवार को डीएम सदर तहसील के निरीक्षण को पहुंचे। वहां सुखराम निवासी फैंचरी डीएम के पैरों में गिर पड़े। गुहार लगाई कि उसे पांच अक्टूबर 1986 को हल्का लेखपाल ने मृत दर्शा दिया है।
समस्या सुन डीएम भी चौंक गए
उसकी मौजा सकना की भूमि किसी खजान सिंह निवासी नगला तुंदला हाथरस के नाम कर दी है। बुजुर्ग की समस्या सुन डीएम भी चौंक गए। उन्होंने इसकी जांच तहसीलदार सौरभ यादव को सौंपते हुए जल्द समाधान करने के सख्त निर्देश दिए। जांच में वह जीवित पाए गए।
तहसीलदार ने सौंपी खतौनी
तहसीलदार ने न्यायालय से त्रुटिपूर्ण विरासत को निरस्त कर सुखराम का नाम खतौनी में दर्ज कराया। कल तक जो किसान तहसील सदर के चक्कर काट रहा था, गुरुवार को तहसीलदार उसके गांव फैचरी पहुंचे और उसे खतौनी सौंपी।
दोषी लेखपाल पर होगी विभागीय कार्रवाई
सुखराम व उसके परिजन डीएम की सराहना करते नहीं थक रहे हैं। उधर, सुखराम की गलत विरासत करने के दोषी लेखपाल रितेश के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए नोटिस दिया गया है।
वित्तीय वर्ष पूर्ण होने से पहले करें वसूली: डीएम
मथुरा: गुरुवार को डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी विभागों को वित्तीय वर्ष पूर्ण होने से पहले वसूली लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। राजस्व धाराओं में दायर वादों व शिकायतों का समय से निस्तारित करने व तीन साल से पुराने वादों को निपटाने के लिए कहा।
डीएम कलक्ट्रेट सभागार में कर करेत्तर, राजस्व प्रशासन, वाद व आइजीआरएस संदर्भ की समीक्षा बैठक ले रहे थे। तहसील स्तर पर बड़े बकाएदारों से वसूली करने के लिए एसडीएम व तहसीलदारों को कहा गया। मालकर, वाहन कर, यात्री कर की वसूली में तेजी लाने के लिए कहा गया।
आबकारी अधिकारी अन्य प्रदेशों से प्राप्त आरसी का समय से निस्तारण करने के निर्देश दिए। क्षेत्र में सफाई कराने, चारागाह की जमीनों को खाली कराने, निराश्रित गोवंशी को गोशाला पहुंचाने व फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश दिए। होली की व्यवस्थाएं भी चाक चौबंद किए जाने के निर्देश दिए गए।

