आगरा। दक्षिण अफ्रीका में फंसा आगरा का युवक अभिषेक शर्मा पांच माह 20 दिन बाद वापस भारत लौट आया है। गुरुवार शाम परिजनों ने दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर बेटे को रिसीव किया।
बेटे के वापस लौटते ही स्वजन के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। रात नौ बजे घर पहुंचने पर मोहल्ले के लोगों ने मिठाई खिलाकर स्वागत किया।

कंपनी के मालिक ने छीन लिया था अभिषेक शर्मा का पासपोर्ट

ट्रांस यमुना कालोनी निवासी आलोक शर्मा का छोटा बेटा अभिषेक शर्मा पांच माह पहले अपने परिचित के माध्यम से दक्षिण अफ्रीका एक फैक्ट्री में नौकरी करने गया था। वहां कंपनी के मालिक प्रदीप गजवानी ने उसे अच्छे वेतन और रहने-खाने की सुविधा देने की बात कही थी। परिजनों का आरोप था जब बेटा वहां पहुंच गया तो कंपनी मालिक ने उसका पासपोर्ट छीन लिया। छह माह से उसको वेतन भी नहीं दिया है।

दक्षिण अफ्रीका से वापस आने के बाद अभिषेक सबसे पहले हनुमानजी का आशीर्वाद लेने मंदिर पहुंचा। मंदिर के सामने पिता आलोक शर्मा और भाई करन के साथ बाईं ओर खड़ा अभिषेक।

वीडियो कॉल से पिता को बताए थे हालात, मालिक ने किया दुर्व्यहार

15 दिन पहले केवल 30 हजार रुपए दिए। कंपनी मालिक की ओर से बेटे के साथ दुर्व्यवहार किया गया। 16 दिसंबर को बेटे ने वीडियो कॉल कर पूरी स्थिति को स्वजन को अवगत कराया। कहा, वह भारत वापस लौटना चाहता है, लेकिन मालिक नहीं आने दे रहा। जब घरवालों ने मालिक से बात की तो उन्होंने पांच लाख रुपए भेजने पर ही बेटे का पासपोर्ट देने की शर्त रखी।

पुलिस कमिश्नर और एत्मादपुर विधायक से की थी मुलाकात

बेटे को वापस लाने के लिए उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया। एत्मादपुर विधायक डा. धर्मपाल सिंह से भी मुलाकात की। सभी के संयुक्त प्रयास से गुरुवार को अभिषेक वापस शहर लौटा। दिल्ली एयरपोर्ट पर पिता और बडे़ भाई की आंखें नम हुईं। घर लौटने पर मोहल्ले के लोगों ने मुंह मीठा करा स्वागत किया। अभिषेक शर्मा के घर लौटने पर पिता व उसका भाई उसके साथ हनुमान मंदिर पहुंचे और भगवान का शुक्रिया किया।

साउथ अफ्रीका आगरा का अभिषेक के साथ उसका पाकिस्तान साथी मोहम्मद अनवर उस्मान के साथ केक खाते हुए । सौजन्य इंटरनेट मीडिया

पाकिस्तानी युवक ने निभाई दोस्ती

साउथ अफ्रीका में मलिक के नजदीक रहने वाला युवक मोहम्मद अनवर उस्मान मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला था। उसने अभिषेक को कंपनी से वापस जाने की सलाह दी। उस्मान की बात सुनकर अभिषेक को भारत लाैटने का हौसला मिला।

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