वाराणसी। पहाड़ों पर हो रही वर्षा एवं बर्फबारी ने पूरे उत्तर भारत को कंपकंपा दिया है। पश्चिमी विक्षोभ की गठरी इधर आकर खुलते ही मानव क्या, पशु-पक्षियों की भी ठठरी कांप उठी है।
तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री नीचे गोता लगा रहा है और लोग अलाव से चिपके हुए हैं। गुरुवार को पूूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए। कांप रहे उत्तर भारत के सबसे अधिक ठंडे 20 शहरों में बनारस सहित पूर्वांचल के पड़ोसी जनपद शामिल हैं। पूर्वांचल की ठंड ने शिमला, शिलांग, कुल्लू जैसे पहाड़ी शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है। बनारस की रात जम्मू से भी अधिक ठंडी हो गई।

ये है मौसम विशेषज्ञों का अनुमान

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अभी दो-तीन दिनों तक यानी इस पूरे सप्ताह ऐसा ही मौसम कमोबेश बना रहेगा। अगले सप्ताह की शुरुआत यानी सोमवार से इसमें कुछ परिवर्तन संभव है। गुरुवार को अधिकतम तापमान बीते 24 घंटों की अपेक्षा 0.5 डिग्री सेल्सियस कम होकर औसत से 5.1 डिग्री नीचे आ गया। न्यूनतम तापमान में 5.5 डिग्री की कमी आई और यह सामान्य से 3.2 डिग्री नीचे 5.7 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इस तरह बनारस की रात जम्मू से भी ठंडी हो उठी। जम्मू में न्यूनतम तापमान 7.4 रहा। बात करें पहाड़़ी शहरों की तो शिमला (17.2°-9.6°), शिलांग (18.6°-5.7°), कुल्लू (20.9°-2.1°) से भी ठंडा रहा बनारस व आसपास के जनपद।

घने कोहरे में लिपटी सुबह

सुबह घने कोहरे में लिपटी हुई। सुबह साढ़े नौ बजे और दोपहर दो बजे के कुछ मिनटों के लिए हल्की सी सूर्यदेव की छाया दिखी लेकिन कुछ ही मिनटों में वह पुन: कोहरे के आगोश में समा गए। पहाड़ों पर हो रही वर्षा व बर्फबारी की वजह से चल रही जबर्दस्त शीतलहर ने पूरे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ा दी है। यह कड़ाके की ठंड अभी दो-तीन दिन ऐसे ही जारी रह सकती है।

सोमवार से आएगा थाेड़ा परिवर्तन

सोमवार से स्थितियों में थोड़ा परिवर्तन आएगा। कोहरा कुछ कम होगा और धूप निकलना शुरू होगी लेकिन यह भी तीन-चार दिन ही ऐसा रह सकता है। फिर पश्चिमी विक्षोभ का अगला प्रवाह इसे परिवर्तित कर शीतलहर ला सकता है। ऐसी दशा में उधर से आने वाली बर्फीली हवा से पूरा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में है। अभी दो-तीन दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।

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