सोमेश्वर। बारिश के कारण प्राथमिक विद्यालय रेत का भवन भरराकर गिर गया। जिस समय यह घटना हुई वहीं पास के दूसरे कमरे में आठ बच्चे पठन-पाठन का कार्य कर रहे थे। भाग्यवश कोई बड़ी घटना नहीं हुई। सभी स्कूली बच्चे सकुशल हैं। अभिभावकों ने घटना के बाद रोष जताते हुए शासन-प्रशासन पर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।
शनिवार को रोज की तरह ही सुबह नौ बजे प्राथमिक विद्यालय रेत खुला। यहां आठ बच्चे अध्ययनरत है। सुबह से रुक-रुककर बारिश भी हो रही थी। करीब 11 बजे स्कूल का पहले से जर्जर हो रहा भवन का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। जिसके बाद वहां पर चीख पुकार मच गई। पास ही दूसरे कमरे में पढ़ रहे स्कूली बच्चे और शिक्षक बाहर निकल आए। सभी बच्चे सकुशल हैं।

अभिभावकों में आक्रोश

इधर घटना के बाद अभिभावकों में खासा रोष व्याप्त है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष प्रकाश सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल सिंह राणा ने बताया कि यह घटना विभागीय लापरवाही के कारण हुई है। भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है। लेकिन कोई सुधलेवा नहीं है। आज आठ बच्चों की जान बच गई। स्कूल के हाल देख कोई यहां पढ़ने नहीं आता है। छात्र संख्या भी लगातार घटते जा रही है। जल्द विद्यालय भवन ठीक नहीं किया जाता तो उग्र आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।

सड़क खराब होने से अल्मोड़ा आने से बच रहे पर्यटक

अल्मोड़ा: पहाड़ के जिलों की लाइफलाइन कहे जाने वाले हल्द्वानी-अल्मोड़ा एनएच पर क्वारब में हो रहे भूस्खलन को रोकना सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पहाड़ी लगातार दरक रही है, और अभी भी पहाड़ी के स्थायी ट्रीटमेंट करने में एनएच व जिला प्रशासन लाचार है। हालात जब सड़क धंसने तक पहुंच गए तो इसका सीधा असर पर्यटन कारोबार पर पड़ने लगा। अल्मोड़ा में पहले से ही पर्यटक कम आ रहे थे। अब क्वारब में सड़क बंद होने से वीकेंड, थर्टी फर्स्ट और नववर्ष पर सैलानियों का जिले के धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर पहुंचना और मुश्किल हो गया है।

पहाड़ी दरकने से यातायात ठप पड़ रहा

अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग मैदानी क्षेत्र से पहाड़ को जोड़ने वाला मुख्य मोटर मार्ग हैं। लेकिन बीते चार माह से इस मार्ग पर दिन में कई बार क्वारब के समीप पहाड़ी दकरने से यातायात ठप पड़ रहा है। जबकि बीते पांच दिनों से मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई। अब शुक्रवार देर शाम से इस मार्ग पर छोटे वाहनों का संचालन भी ठप पड़ गया है।

पर्यटन पर पड़ रहा असर

मुख्य मार्ग बंद होने से इसका सीधा असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ रहा है। पर्यटकों को अतिरिक्त फेरा लगा अल्मोड़ा पहुंचना पड़ रहा है। इससे अब पर्यटक का रुख सांस्कृतिक और पर्यटन नगरी अल्मोड़ा की ओर कम हो गया है। जबकि इस बार हिमपात के आसार के चलते जिले के व्यापारियों को भारी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद थी। वहीं जागेश्वर के लिए जो पर्यटक इस रूट का इस्तेमाल करते थे, उन्हें भी अब वाया पहाड़पानी से लमगड़ा होते हुए निकलना पड़ रहा है। पर्यटन व्यवसायी इससे परेशान हैं।

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