नगर में पिछले 18 घंटे से वर्षा का दौर रुक−रुक कर जारी है। कई बार ओलावृष्टि हुई, जबकि ऊंचाई वाले हिस्सों में कुछ देर के लिए बर्फ के फाहे भी गिरे। लोग घरों में दुबकने के लिए मजबूर हुए। तापमान में निरंतर गिरावट जारी है।
हिमपात की आस लगाए बैठे सैलानी हुए निराश
हिमपात की आस लगाए सैलानियों को निराश होना पड़ा। हिमपात की आस लगाए कई शहरों के सैलानी ठहरे हुए हैं। तेज वर्षा के दौरान नाले उफान पर रहे। मौसम के खराब मिजाज से रोजमर्रा के कार्य बाधित हुए और दिहाड़ी मजदूर कार्य से विरत रहे। देर शाम तक हल्की बारिश का दौर जारी था। जिस कारण हिमपात की संभावना बनी हुई है।
आज समाप्त हो जाएगा पश्चिमी विक्षाेभ का असर
राज्य मौसम विभाग के विज्ञानी डॉक्टर रोहित थपलियाल के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार को समाप्त हो जाएगा और मौसम में सुधार आने लगेगा, लेकिन ठंड में गिरावट बनी रहेगी। जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अधिकतम तापमान 11 व न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता अधिकतम 95 व न्यूनतम 60 प्रतिशत रही। वर्षा 25 मिमी हुई।
लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, हिमपात नहीं होने से पर्यटक निराश
मसूरी में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। शुक्रवार दोपहर से शुरू हुई बारिश पूरी रात और शनिवार को पूरे दिनभर होती रही जिससे दिनभर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। शनिवार शाम को थोड़ी देर के लिए मौसम खुलने पर बाजारों में पर्यटक उमड़ पड़े लेकिन हिमपात नहीं होने से पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोग भी निराश हैं। लगातार बारिश होने से शनिवार सुबह बाजार देर से खुले और लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे है। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे है।
हिमपात देखने के लिए धनोल्टी पहुंचे सैलानी
हिमपात देखने पर्यटकों ने धनोल्टी सुरकण्डा का रूख किया लेकिन वहां पर भी हिमपात नहीं होने से उनको मायूस होकर वापिस लौटना पड़ा है। आसमान में अभी भी घने बादलों का डेरा है और हिमपात की संभावनाएं बरकरार हैं।

