मेरठ। कैपिटल अस्पताल के बाद शुक्रवार को कचहरी परिसर में 14 न्यायालय भवन की सात मंजिला इमारत में लगी नई लिफ्ट गड़बड़ा गई। जिस समय गड़बड़ी हुई उस समय लिफ्ट में शहर विधायक रफीक अंसारी अपने अधिवक्ता और दो सिक्योरिटी गार्ड के साथ मौजूद थे। अन्य लगभग दस लोग भी लिफ्ट में थे।
लिफ्ट आधा घंटा तक सभी लोगों को लेकर भूतल से सातवी मंजिल के ऊपर नीचे चक्कर लगाती रही लेकिन रूकी नहीं। लिफ्ट के अंदर मौजूद लोग घबरा गए। चीख पुकार मच गई। नाजिर और कोर्ट मैनेजर ने तत्परता दि्खाई और इलेक्ट्रीशियन को बुलाकर दरवाजा खुलवाया।
बताया गया है कि जुलाई में ही शुरू हुई यह नई लिफ्ट पिछले कई दिन से गड़बड़ कर रही है। घटना के बाद जिला जज ने लिफ्ट कंपनी को नोटिस जारी किया है। घटना का वीडियो भी तेजी से प्रसारित हो रहा है।
कचहरी परिसर के 14 न्यायालय परिसर में कुल तीन लिफ्ट हैं। इनमें से एक लिफ्ट सबसे नई है जो कि 31 जुलाई 2024 को ही शुरू हुई है। घटना के बाद अधिवक्ताओं का आरोप है कि यह लिफ्ट जब से लगी है तभी से परेशान कर रही है। बार बार लिफ्ट खराब हो जाती है। अधिवक्ताओं ने दावा किया कि शुक्रवार को यह लिफ्ट दो बार खराब हुई।

लिफ्ट में फंसने पर हुए परेशान

शाम तीन बजे शहर विधायक रफीक अंसारी, अपने गनर सलीम खान और विजय तथा अधिवक्ता विवेक जाटव के साथ 14 न्यायालय भवन में पहुंचे थे। उन्हें सातवी मंजिल पर स्थित एमपी एमएलए कोर्ट में सुनवाई के लिए जाना था। लिफ्ट में इन चारों के साथ लगभग दस अन्य अधिवक्ता व महिला पुरुष भी थे। सभी को अलग अलग तल पर जाना था लेकिन लिफ्ट का गेट एक बार बंद हुआ तो किसी भी तल पर नहीं खुला।

लिफ्ट का दरवाजा ही नहीं खुला

लिफ्ट सीधी सातवीं मंजिल पर पहुंची। वहां कुछ सेकंड रुकी लेकिन दरवाजा नहीं खुला। फिर वह अचानक नीचे की ओर चल पड़ी। नीचे पहुंची, वहां रुकी लेकिन दरवाजा फिर भी नहीं खुला। इसके बाद फिर से लिफ्ट ऊपर के लिए चल दी। आधा घंटा तक लिफ्ट ने ऊपर नीचे के कई चक्कर लगाये लेकिन उसका दरवाजा नहीं खुला। लिफ्ट के भीतर मौजूद लोग खुद को फंसा पाकर परेशान हो उठे। वे चीख पुकार करने लगे।

इलेक्ट्रीशियन को बुलाकर खुलवाया दरवाजा

लिफ्ट के खराब होने और उसमें शहर विधायक के फंसे होने की सूचना कोर्ट मैनेजर लोकेश पंवार और नाजिर वीरेंद्र कुमार तक पहुंची तो उन्होंने आनन फानन में स्थानीय इलेक्ट्रीशियन को बुलाया और लिफ्ट का दरवाजा खुलवाया। जिसके बाद लिफ्ट में फंसे शहर विधायक और अन्य लोग बाहर निकल सके। लिफ्ट का दरवाजा भूतल पर खुला। जिसके बाद शहर विधायक दूसरी लिफ्ट से न जाकर सातवीं मंजिल पर जीने के रास्ते पहुंचे। ऊपर से नीचे वापस वे दूसरी लिफ्ट से आए लेकिन ऊपरवाले का नाम लेकर।

न अलार्म था न फोन मिला, जैसे तैसे बची जान

शहर विधायक रफीक अंसारी ने बताया लिफ्ट के भीतर का समय बहुत बुरा गुजरा। लिफ्ट नहीं खुली तो सभी लोग परेशान हो उठे। लिफ्ट में न तो अलार्म था और न ही इंटरकाम फोन। एक फोन नंबर वहां लिखा था लेकिन वह भी मोबाइल में नेटवर्क न आने के कारण नहीं मिला चीख पुकार की आवाज भी बाहर नहीं जा रही थी। लिफ्ट चलाने के लिए कोई आपरेटर भी नहीं था। उन्होंने बताया कि आधे घंटे से ज्यादा का समय भय के बीच बीता। कैपिटल हास्पीटल की घटना को याद करके लिफ्ट के भीतर फंसा हर व्यक्ति भयभीत था।

दो दिन पहले ही सुधारने आई थी गाजियाबाद से टीम

कचहरी परिसर में कुल चार लिफ्ट हैं। जिनमें से एक लिफ्ट 13 न्यायालय भवन में है जबकि तीन लिफ्ट 14 न्यायालय भवन में हैं। इस भवन में 31 जुलाई 2024 को ही ओटिस कंपनी की इस नई लिफ्ट को शुरू किया गया था। ओटिस कंपनी की यह लिफ्ट बार बार तकनीकि खराबी का शिकार हो रही है। खराबी की शिकायत के चलते 11 दिसंबर को इसकी अंतिम सर्विस हुई थी। जिसके लिए गाजियाबाद से टीम यहां आई थी।लेकिन फिर भी यह नहीं सुधरी।
नाजिर की रिपोर्ट पर जिला जज ने जारी किया लिफ्ट कंपनी को नोटिस
कचहरी के नाजिर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि लिफ्ट में खराबी की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल इलेक्ट्रीशियन की मदद से लिफ्ट का दरवाजा खुलवाया। इसके साथ ही वहां नोटिस चस्पा कराया। जिला जज को घटना की जानकारी दी गई। उन्होंने लिफ्ट कंपनी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है तथा समस्या का स्थायी समाधान करने का आदेश दिया है।

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