गुरुवार को भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम आया, जिसमें पुष्पेंद्र, सुमित कुमार, रोबिन कुमार, अतुल कुमार, अंकुर कुमार, नारायण सिंह, शिवम, प्रिंस, वीशु, शिवम, सुधांशु, सोनेंदर, गौरव, सुमित, अनुज, जतिन, सौरभ, श्रीकांत, आकाश, शिवांगी, अनिल कुमार, अनिल, नितिन, पारूल, कीर्ति, रितु, रश्मि उत्तीर्ण हुए हैं।
परीक्षाफल देखकर खिले चेहरे
परीक्षाफल देखकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे तथा पूरे गांव में एक साथ इतनी बडी संख्या में अभ्यर्थियों का चयन होने पर ग्रामीणों में खुशी छा गई। कासमपुर खोला युवा जागृति मंच के अध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि युवाओं की पहल सार्थक सिद्ध हो रही है। एक साथ 26 अभ्यर्थियों का चयन होना गांव के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। शिक्षक अमित कुमार ने कहा कि बच्चों की यह सफलता अभिभावकों के लिए भी गर्व का विषय है, इससे आसपास के क्षेत्र के युवा एवं अभिभावकों में बच्चों की शिक्षा एवं कामयाबी के प्रति रूचि बढ़ेगी।
गांव में लाइब्रेरी बनवाकर दी थी सौगात
सरकारी व गैर सरकारी नौकरी पर तैनात युवक व युवतियों ने वर्ष 2019 में युवा जागृति मंच का गठन किया था तथा युवा जागृति मंच ने करीब दो वर्ष पूर्व अपने खर्च से गांव में लाइब्रेरी की स्थापना की थी। जिससे युवाओं को पढ़ाई में अधिक मदद मिली। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री रहे अशोक कटारिया ने गांव में एक लाइब्रेरी की स्वीकृति दी, जिसका निर्माण पूर्ण होने वाला है।
प्रदेश के मुखिया ने भरा था युवाओं में जोश
करीब दो माह पहले ही गांव कासमपुर खोला क्षेत्र स्थित बीआइटी कालेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वृहद रोजगार मेला के दौरान युवाओं को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि युवा पढ़ाई के साथ खेलों के प्रति भी जागरूक बनें। पदक लेकर आओ और सरकारी नौकरी पाओ। प्रदेश के मुखिया के इस बयान से युवाओं में उम्मीद की किरण जगी थी तथा इसके बाद से युवा खेलों के प्रति भी जागरूक हुए हैं। सरकार द्वारा गांव कासमपुर खोला में स्पोर्ट्स स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
भाई-बहन का चयन
गांव कासमपुर खोला निवासी सुमत पेशे से किसान हैं तथा इनके तीन बच्चे हैं। जिनमें बडी पुत्री सोनम है, जिसकी शादी हो चुकी है व उससे छोटा प्रिंस तथा पारूल हैं, जिनका सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा में चयन हुआ है। सुमत ने बताया कि दोनों बच्चे पढ़ाई के प्रति जागरूक हैं। प्रिंस ने कहा कि पिता को कड़ी मेहनत करते देखते हैं तो कुछ बड़ा करने का मन करता है।

