संयुक्त निदेशक कृषि जेपी चौधरी ने बताया कि प्रदेश में पराली जलाने की घटनाएं 1063 ही रहीं हैं। शेष कूड़ा जलने व अन्य मामलों से संबंधित रहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसान खेतों के किनारे कूड़ा जलाने के लिए भी आग लगाते हैं।
31.28 लाख रुपये लगाया गया है जुर्माना
चौधरी ने बताया कि पराली जलाने वालों पर सख्ती बरतते हुए 31.28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसके सापेक्ष 14.60 लाख रुपये की वसूली अब तक हुई है। वहीं, 54 कंबाइन हार्वेस्टर सीज किए गए हैं जो बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के चल रहे थे। बता दें कि 18 नवंबर तक पंजाब में फसल अवशेष जलाने के कुल 8404 मामले सामने आएं हैं, जबकि हरियाणा में 1082 और मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 10,743 घटनाएं हुईं।
एटा जिलाधिकारी ने अपनाया कड़ा रुख
वहीं एटा जिले मेंपराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के. ने कड़ा रुख अपनाया है। कृषि और राजस्व विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम पंचायत सकीट में एक महिला किसान की ओर से पराली जलाने पर जुर्माना लगाया है।
प्रभारी उप कृषि निदेशक डा. मनवीर सिंह ने बताया कि विकास खंड सकीट के ग्राम पंचायत रिजोर में सेटेलाइट से एक घटना दर्ज की गई थी। क्षेत्रीय कर्मचारी और लेखपाल की ओर से किए गए स्थलीय निरीक्षण में पाया गया कि महिला किसान रामदेवी ने धान की पराली में आग लगाई है। जांच में पुष्टि होने पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। बताया कि पराली जलाना एक दंडनीय अपराध है।

