मुज़फ्फरनगर, कावड़ यात्रा के दौरान ट्रांसफार्मरों की वैरीगेटिंग(बांस बल्लियों ) द्वारा एवं लोहे के विधुत पोलों की पैकिंग इंसुलेटेड शीट के द्वारा होने वाले टेंडरो को लेकर लगातार विद्युत विभाग और ठेकेदारों की चर्चाएं गत कई वर्षों से चलती आ रही हैं, सवाल उठता है की विभाग के नियमों को ताक पर रखकर विभाग के ही द्वारा नियम विरुद्ध टेंडरों को किस प्रकार प्रदान किया जाता है, लगातार टेंडरों के द्वारा विभाग को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है क्योंकि गत कई वर्षों से टेंडरों के नाम पर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच सांठगांठ चली आ रही है और टेंडर भी चुनिंदा ठेकेदारों को दिए जा रहे हैं कल पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के नोडल अधिकारी देवेंद्र शर्मा को भी कांवड़ यात्रा के दौरान की गई व्यवस्था को सुचारू रूप से चल रही है कि नहीं देखने के लिए प्रबंध निदेशक मेरठ के द्वारा नामित करके भेजा गया, नोडल अधिकारी को हिंदू संगठन के पदाधिकारी सचिन त्यागी ने टेंडरों के नाम पर हो रही विभाग में लूट से अवगत कराया और पुनः आज मुख्य अभियंता पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (मुजफ्फरनगर क्षेत्र) पवन अग्रवाल को उनके कार्यालय पर जाकर पत्र के माध्यम से अवगत करा विभागीय स्तर पर जांच कमेटी बनाने के लिए अनुरोध किया, जिस पर पवन अग्रवाल ने कहा इसमें उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर जल्द ही की कार्यवाही की जाएगी।

मुख्य अभियंता पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मुजफ्फरनगर क्षेत्र

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