लोकसभा चुनाव 2024……
सोशल इंजीनियरिंग के सहारे चुनावी वैतरणी पार लगाने की तैयारी में जुटी बसपा
दलित मुस्लिम समीकरण पर होगा बसपा का मुख्य फोकस
प्रशांत त्यागी, देवबंद।
लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर बसपा संजीदा नजर आ रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती सहारनपुर से चुनावी शंखनाद करने की तैयारी में है। जिसके चलते बसपा के बड़े नेता मायावती के संभावित दौरे को लेकर अंदरूनी तैयारी में जुट गए।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अलग ही मुकाम रखने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती अब सोशल इंजीनियरिंग के सहारे भाजपा और सपा कांग्रेस गठबंधन को गिरने की तैयारी में जुट गई है। मायावती का सबसे ज्यादा फोकस सहारनपुर लोकसभा सीट पर है क्योंकि यह सिर्फ परंपरागत बसपा के लिए एक मजबूत सीट मानी जाती है। की वजह है यहां दलित और मुस्लिम वोट बैंक जो यहां किसी भी उलट फेर को करने में सक्षम है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी दलित और मुस्लिम गठबंधन ने यहां पर भाजपा को चारों खाने चित्त कर दिया था। आंकड़ों की गौर करें तो जहां एक और यहां पर 6 लाख 50 हजार मुस्लिम मतदाता है, तो दलित मतदाता भी लगभग 3 लाख 50 हजार है। जिसके चलते अगर इस सीट पर दलित मुस्लिम मतदाता बसपा के पहले में जाते हैं तो कहीं ना कहीं भाजपा को यहां कड़ी चुनौती मिलेगी। हालांकि सपा कांग्रेस गठबंधन भी मुस्लिम मतदाताओं को अपना वोट बैंक मानकर अन्य समाज से वोट खींचने की रणनीति पर काम कर रहा है। जिसके चलते इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले भी देखने को मिल सकता है। लेकिन 86 पंडितों की माने तो बसपा सहारनपुर में बड़ा बुलेट फेयर करने में सक्षम है। इसी के चलते संभावना जताई जा रही है कि बसपा सुप्रीमो मायावती इस बार सहारनपुर से ही अपना चुनाव का शंखनाद करने जा रही है। पार्टी के जिला अध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद की मान्यता बहन जी का जो भी आदेश होगा कार्यकर्ता उसके लिए सदैव तत्पर हैं। उत्तर प्रदेश में इस बार बसपा किंग मेकर की भूमिका में उभर कर आ रही है। उन्होंने कहा जल्द ही उत्तर प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती चुनाव का प्रचार प्रसार करती नजर आएंगे।
भतीजे आकाश आनंद को दी युवाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी
बसपा सुप्रीमो मायावती ने जहां एक और चुनावी बागडोर अपने हाथ में संभाल रखी है, दूसरी और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के दलित युवाओं में बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को जिम्मेदारी सौंपी है जिसके चलते उन्हें हाल में ही पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव भी बनाया गया है। आकाश आनंद भी युवाओं को बसपा से जोड़ने के लिए ताकत झोंक हुए हैं।
बसपा का अभेद किला माना जाता था सहारनपुर
एक समय सहारनपुर बसपा का अभेद किला माना जाता था। यहां विधायक से लेकर संसद तक और जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर बसपा ही आसीन रहती थी। 2007 से लेकर 12 तक की बात करें तो सहारनपुर में बसपा के पांच विधायक एक मोच और लोकसभा सांसद भी चुनकर आए थे। इसकी मुख्य वजह सोशल इंजीनियरिंग थी जिसको लेकर बसपा फिर से चुनावी मैदान में उतरने जा रही है। इतना ही नहीं बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा भी स्वयं भी हरौड़ा से चुनाव लड़ा था।
रिपोर्ट प्रशांत त्यागी

