जैन धार्मिक स्थलों पर लगातार घटनाएं चिंता का विषय – गौरव जैन
भोपाल व भैंसवाल’शामली’ की घटनाओं से जैन समाज में बड़ा रोष
मुज़फ़्फ़रनगर।प्राप्त सूचना के अनुसार भोपाल के अशोका गार्डन में स्थित जैन मंदिर को लेकर लगातार असामाजिक तत्व काफी दिनों से सक्रिय हैं जैन मंदिर में दर्शनों हेतु जाते श्रद्धालु गण को बार बार धमकी देना मंदिर में जाने से रोकने का प्रयास करना जैन भाइयो को आतंकित करने की घटनाएं लगातार वहां पर होती रही है हद तो तब हो गई जब जैन मंदिर में घुसकर असामाजिक तत्वों की भीड़ वहां पर लोगों को धमकाने लगी व आग लगाने की जान से मार देने की महिलाओं को मार देने की धमकी देने लगे बड़ी मुश्किल से समाज के लोगों ने इकट्ठा होकर जैन मंदिर की सुरक्षा की वहीं दूसरी ओर शामली जनपद के गढ़ी पुख़्ता थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसवाल स्थित दिगंबर जैन मंदिर से अष्ट धातु की दो प्रतिमाएं ‘मूर्ति’ बीती रात अज्ञात चोरों ने मंदिर के मुख्य गेट का ताला तोड़कर चोरी कर ली जिसे सुनकर जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में भैंसवाल पहुंचे दुःखद बात यह है की पूरे देश में जैन तीर्थ स्थलों,मंदिरों,स्थानको पर लगातार घटनाएं सामने आ रही है व यह बहुत दुःखद है कि सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है भोपाल की घटना में भी जानकारी मिलने तक कोई मुकदमा नहीं लिखा गया था जिस कारण अनेकों समाज की महिलाएं व बच्चे अशोका गार्डन थाने पर इकट्ठा होकर कार्यवाही की मांग करने पहुंचे परंतु पुलिस ने उनसे प्रार्थना पत्र लेकर और आश्वासन देकर उन्हें टाल दिया व शामली की घटना में भी पूरा दिन गुजरने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहे

जैन एकता मंच’युवा शाखा’के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन ने कहा कि इन लगातार घटनाओ से जैन समाज आक्रोशित है व जैन एकता मंच मांग करता हैं की सरकारें दोनो ही मामलों के सबन्ध में तुरंत मुकदमें दर्ज कर कार्रवाई करें वही भैंसवाल मंदिर कमेटी पदाधिकारीयों से गौरव जैन द्वारा फ़ोन से पूरे मामले की जानकारी ली गयी व पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से गौरव जैन ने तभी बात की तो डीआईजी सहारनपुर द्वारा घटना को शीघ्र खोलने का आश्वासन दिया गया गौरव जैन ने मांग की कि पूरे देश में जहां भी जैन समाज के तीर्थ स्थल हैं सरकार उनके लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराएं

आज जैन समाज मजबूर हो चुका है कि अगर यह घटनाऐं नहीं रुकी तो निश्चित ही जैन एकता मंच एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशाशन व सरकारों की होगी वो चाहे वह प्रदेश की सरकार हो अथवा केंद्र की हो

