अशोक बालियान, चेयरमैन,पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन

राष्ट्रीय लोकदल जैसी क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं ट्वीट करने व मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के कारण मुजफ्फरनगर के ग्राम खुब्बापुर के स्कूल में टीचर तृप्ति त्यागी द्वारा छात्र की पिटाई का मामला गम्भीर बन गया था। आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी की राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण को समर्पित रही है। विडंबना यह हुई कि कांग्रेसी तुष्टिकरण का यह संक्रमण देश के अनेकों प्रदेशों की क्षेत्रीय पार्टियों, मीडिया, बुद्धिजीवियों तक होता गया। भारत दुनिया का इकलौता देश बना जहां बहुसंख्‍यकों के हितों की कीमत पर अल्‍पसंख्‍यकों को वरीयता दी गई। मुज़फ्फरनगर दंगों में यही हुआ था, लेकिन यह भी सच है कि मुसलमानों को ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ से कभी लाभ नहीं मिला।
इस घटना के संज्ञान में आते ही बिना किसी जाँच के ही राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी पहले ट्वीट किया और फिर मीरापुर के रालोद विधायक चंदन चौहान ने घटना के गाँव खुब्बापुर पहुंचने के लिए कहा था। ग्राम खुब्बापुर पहुचकर रालोद विधायक चंदन चौहान ने पीडि़त छात्र के पिता इरशाद की मोबाइल पर रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह से बातचीत कराई थी।
मुजफ्फरनगर के ग्राम खुब्बापुर के स्कूल में घटना के दिन सुबह बच्चे के परिजनों के तरफ से कहा गया था कि यह बच्चा पढाई में बिलकुल भी रूचि नहीं लेता है, इसलिए इसपर सख्ती बरतें। इसके बाद स्कूल की टीचर तृप्ति त्यागी ने स्कूल का कार्य न करने पर दंडात्मक कार्यवाही की इस घटना की। बच्चे के परिवार के एक लड़के ने विडियो बनायीं है, उस पर यह भी आरोप है कि उसने विडियो एडिट कर सोशल मीडिया पर जारी की है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शिक्षिका एक बच्चे को कक्षा में खड़ा कर यह भी बोल रही है कि बच्चो की माताओं को बच्चो को बार बार मामाओं के घर लेकर न जाए, इससे पढाई का नुकसान होता है। लेकिन किसी ने भी विडियो को ध्यान से नहीं सुना और सोशल मीडिया पर कमेन्ट करना शुरू कर दिया कि टीचर ने धार्मिक आधार पर गलत टिपण्णी की है।
स्कूल में टीचर द्वारा छात्र होमवर्क करके नहीं आने पर बच्चे के विरुद्ध हल्की दंडात्मक कार्यवाही उसकी क्लास के दो अन्य छात्रों से करायी थी। उस दिन वह बच्चा अपना होम वर्क करके नहीं लाया था। यह टीचर विकलांग है, इसलिए स्वम् दंड नही दिया, हालांकि उसको अन्य बच्चो से दंड नहीं दिलवाना चाहिए था। टीचर ने उसके लिए माफ़ी भी मांग ली थी।
देश में लगभग दो दशक पहले तक टीचर्स द्वारा बच्चों की पिटाई आम बात होती थी, लेकिन वक्त बदलने के साथ-साथ ऐसा करने पर हंगामा होने लगा है। कुछ समय पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में एक ऐतिहासिक फैसला दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने शारीरिक दंड मामले में निर्णय देते हुए कहा कि स्कूल शिक्षक द्वारा बिना किसी दुर्भावना के इरादे से केवल बच्चे को सही करने के लिए डांटना-मारना अपराध नहीं है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस भरत पी देशपांडे ने कहा कि ‘समाज में टीचर्स को सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। ये लोग हमारे एजुकेशन सिस्टम की रीढ़ की हड्डी हैं। और अगर बच्चे लगातार अनुशासनहीनता कर रहे हैं, तो कुछ तुच्छ आरोपों के डर स्कूल में अनुशासन बनाए रखना मुश्किल होगा।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी यानी पुलिस का यह भी कर्तव्य है कि जब भी शारीरिक दंड और विशेष रूप से स्कूल के घंटों के दौरान आरोप लगाए जाते हैं, तो प्रारंभिक जांच करें या शिकायतकर्ता को सक्षम प्राधिकारी यानी महिला और बाल विकास विभाग से संपर्क करने का निर्देश दें।
कांग्रेस की इस तुष्टिकरण की नीति का असर दूसरी राजनीतिक पार्टियों पर भी पड़ा और वे मुस्लिम वोट बैंक छिटकने के डर से हिंदुओं के हितों के विरुद्ध बोलने लगे। आज कुछ मीडिया और बुद्धिजीवियों का हिंदू विरोधी रवैया इसी का नतीजा है।
समग्रत: आज की राजनीतिक व्‍यवस्‍था, मीडिया व बुद्धिजीवी वर्ग, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल व सपा की तुष्टिकरण की जड़े गहराई तक धंसी हुई हैं, इन्‍हें बाहर निकालने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
इस क्षेत्र से सांसद व केन्द्रीय मंत्री व डॉ संजीव बालियान ने कहा है कि खुब्बापुर में विपक्ष राजनीति कर रहा है। देश में तुष्टीकरण वाली पार्टियों को समझना होगा कि किसी भी स्कूल के बच्चे हिन्दू-मुस्लिम नहीं होते है। स्कूल के बच्चे केवल बच्चे होते है और उनका मन कोमल होता है उनके मन में हिन्दू-मुस्लिम नही डालना चाहिए।
मुजफ्फरनगर में छात्र की पिटाई के मामले का वीडियो क्यों बनाया और कैसे वायरल हुआ। इसकी पुलिस द्वारा जाँच की जा रही है। स्कूल प्रकरण में दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। हमारी राय इस घटना में बिना जाँच के ओवैसी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और जयंत चौधरी जैसे राजनीतिक नेताओं को ट्वीट नही करना चाहिए था। क्योकि यह घटना केवल स्कूल में अनुशासन बनाने व बच्चे के पढने में ध्यान लगाने को लेकर ही घटी थी। हम बच्चे के सुखद भविष्य की कामना करते है और उम्मीद करते है कि बच्चा अपनी पढ़ाई में ध्यान लगाएगा।

वीडियो

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