जातीय समीकरण के आधार पर भाजपा जिला अध्यक्ष का नाम होगा घोषित
सहारनपुर से भाजपा जिला अध्यक्ष के लिए कई बड़े दिग्गज नेता कतार में लगे
प्रशांत त्यागी, देवबंद। संवाददाता
सहारनपुर भाजपा में लोकसभा चुनाव से पहले कुछ भी ठीक नहीं है। यहां जिला अध्यक्ष के पद को लेकर दो गुटों में वर्चस्व की लड़ाई चरम सीमा पर पहुंच गई है। जिसके चलते सहारनपुर में जिला अध्यक्ष पद के लिए नाम घोषित करना पार्टी हाई कमान के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा।
मिशन 2024 को फतेह करने की तैयारी में जुटी भाजपा जहां एक और जिला अध्यक्ष पद के लिए जातीय और स्थानीय समीकरणों को मजबूत करने में जुटी है तो वही सहारनपुर में जिला अध्यक्ष पद की दौड़ के लिए दो घुटनों में सियासी तलवार खींचती नजर आ रही है। सियासी पंडितों की माने तो सहारनपुर में भाजपा के दो घूट शासन से लेकर संगठन में अपनी पकड़ को बनाए रखना चाहते हैं जिसके चलते ही दोनों अच्छा अपने-अपने खेमे से सहारनपुर के जिला अध्यक्ष पर अपने चाहतों की ताजपोसी करने की जुगाड़ में लगे हैं, तो वहीं कुछ पार्टी के कैडर से जुड़े नेता स्वयं की लड़ाई लड़ते नजर आ रहे हैं और जिला अध्यक्ष पद के लिए पूरी ताकत झोंक हुए हैं। सूत्रों की माने तो पश्चिमी यूपी के 25 जनपदों में भाजपा सियासी और जातीय समीकरण को आधार बनाकर पार्टी के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करने की तैयारी में जुटी हुई है। जिसके चलते ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के लगातार पश्चिम यूपी के जनपदों में दौरे जारी है। लेकिन इसके बावजूद भी सहारनपुर में कुछ और ही अंदर अंदर पकता नजर आ रहा है। यहां दो गुटों में जिला अध्यक्ष के पद को लेकर सियासी तलवार खींची हुई नजर आ रही है। अब पार्टी हाई कमान पूरे मामले में समन्वय बनाकर किसके सिर जिला अध्यक्ष की ताजपोसी करता है यह आने वाला वक्त ही बताएगा!
भाजपा के कई बड़े दिग्गज जिला अध्यक्ष की होड़ में
सहारनपुर में भाजपा जिला अध्यक्ष पद के लिए जहां वर्तमान जिला अध्यक्ष डॉक्टर महेंद्र सैनी दोबारा से लाइन में लगे हैं तो वहीं जिला महामंत्री अजीत राणा, जिला उपाध्यक्ष यशवंत राणा, गुर्जर समाज से महेंद्र सिंह महंगी, पदम सिंह ढायकी समेत कई वरिष्ठ नाम है तो त्यागी ब्राह्मण समाज से प्रदीप त्यागी, एडवोकेट संदीप शर्मा, प्रमोद कौशिक समेत कुछ और बड़े नेताओं के नाम जिला अध्यक्ष की दावेदारी में लगे हुए हैं।
जल्द होगी जिला अध्यक्षों की सूची जारी
भाजपा हाई कमान के सूत्रों की माने तो अगस्त माह के अंतिम सप्ताह या सितंबर माह की शुरुआत में जिला अध्यक्षों के नाम की सूची जारी हो सकती है। क्योंकि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है जिसके चलते पार्टी हाई कमान जिले से लेकर प्रदेश तक संगठन को दुरुस्त करने में जुट गया है।
रिपोर्ट प्रशांत त्यागी

