चारधाम यात्रा पर सीएम धामी सख्त: सुरक्षा, सुगम दर्शन और बेहतर संवाद पर जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा का मूल मंत्र ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार दर्शन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों के संचालन पर लगे प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही ट्रकों एवं अन्य भारी वाहनों को केवल रात्रिकाल में ही अनुमति दी जाए ताकि दिन में यात्रियों की आवाजाही सुचारू बनी रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी धाम या पड़ाव पर क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में नीचे स्थित होल्डिंग एरिया और प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर श्रद्धालुओं एवं वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाई जाए और जहां यात्रियों को रोका जाए वहां भोजन, पेयजल, पार्किंग, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को केवल रोका न जाए, बल्कि उन्हें प्रतीक्षा अवधि, भीड़ नियंत्रण के कारण और आगे की व्यवस्था की पूरी जानकारी भी दी जाए। उन्होंने पुलिस, प्रशासन और यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यात्रियों के प्रति संवेदनशील, विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए।
धामी ने कहा कि यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में सूचना के अभाव का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली, एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप चैनल और एफएम रेडियो के माध्यम से लगातार अपडेट उपलब्ध कराए जाएं। मौसम परिवर्तन, मार्ग अवरोध, यातायात जाम और दर्शन में विलंब जैसी सूचनाएं समय रहते श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का पहला चरण सफलतापूर्वक संचालित हुआ है, लेकिन अब यात्रा मानसून और प्रतिकूल मौसम जैसी चुनौतियों वाले दूसरे चरण में प्रवेश कर रही है। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को अधिक सतर्कता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रभावी नियंत्रण के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने यात्रियों से प्राप्त शिकायतों और सुझावों की प्रतिदिन समीक्षा कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलेन मशीन, सैटेलाइट फोन, एंबुलेंस और राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही गढ़वाल मंडल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को नियमित समीक्षा कर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में रेट लिस्ट का अनिवार्य प्रदर्शन कराने तथा खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग कर गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चारों धामों और पैदल यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था और उनकी नियमित सफाई के निर्देश भी दिए।
गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ने हेली एंबुलेंस सेवा हेतु राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, भरत चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।
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