सैनी, गुर्जर और ठाकुर समाज को पहले ही मिल चुका है प्रतिनिधित्व

-23 वर्ष पूर्व स्वर्गीय राजकुमार त्यागी बने थे भाजपा के पहले जिलाध्यक्ष

देवबंद। संवाददाता

प्रदेश नेतृत्व सहारनपुर में इस बार त्यागी समाज से जुड़े नेता को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप सकता है। जिसके पीछे सहारनपुर से मुजफ्फरनगर समेत आसपास के जनपदों में त्यागी मतदाताओं का भारी संख्या में होना माना जा रहा है।

प्रदेश हाईकमान सहारनपुर में इस बार त्यागी समाज से जुड़े नेता को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी की कमान सौंप सकता है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को सहारनपुर भेजे गए पर्यवेक्षक के सामने जहां ठाकुर, गुज्जर, कश्यप, और सैनी समाज से कई लोगों ने जिलाध्यक्ष के पद पर दावेदारी पेश की तो वही त्यागी ब्राह्मण समाज से मात्र एक नेता प्रदीप त्यागी द्वारा जिला अध्यक्ष के लिए अपना नाम पेश किया। प्रदीप त्यागी पुराने भाजपाई माने जाते हैं। इससे पूर्व भाजपा जिला मंत्री समेत कई पदों पर भी पार्टी में रह चुके हैं। गौरतलब हो कि पश्चिम यूपी में भाजपा हाईकमान इस बार जातीय समीकरण के आधार पर जिला अध्यक्ष की ताजपोशी करने जा रहा है। श्रीकांत त्यागी प्रकरण से नाराज चल रहे त्यागी समाज को साधने के लिए भाजपा हाईकमान इस बार पश्चिम यूपी में दो जिला अध्यक्ष त्यागी समाज के कोटे से देने जा रहा है। जिनमें सहारनपुर और हापुड़ जिला से त्यागी समाज का जिला अध्यक्ष बनने के कयास लगाए जा रहे हैं।

23 वर्ष पूर्व राजकुमार त्यागी बने थे भाजपा जिला अध्यक्ष

भाजपा में पिछले 23 वर्षों से जिले में किसी भी त्यागी समाज के नेता को जिला अध्यक्ष नहीं बनाया गया। 23 वर्ष पूर्व देवबंद विधानसभा के गांव कुरडी निवासी राजकुमार त्यागी भाजपा के दो बार जिलाध्यक्ष बने थे। इसके बाद जाएगी समाज का कोई भी व्यक्ति जिला अध्यक्ष नहीं बन सका।

भाजपा त्यागी समाज के व्यक्ति को बनाए जिला अध्यक्ष: अक्षय त्यागी

त्यागी ब्राह्मण समाज के लोगों ने भी पार्टी हाईकमान से इस बार सहारनपुर में त्यागी समाज के नेता को ही जिलाध्यक्ष बनाने की मांग की है। त्यागी महासभा के अध्यक्ष अक्षय त्यागी ने कहा कि त्यागी समाज 100% मत भाजपा को देता है। सहारनपुर में हर समाज के व्यक्ति को प्रतिनिधित्व मिला हुआ है जबकि त्यागी ब्राह्मण समाज आज भी इससे अछूता है। ऐसे में इस बार सहारनपुर में त्यागी समाज से ही भाजपा का जिला अध्यक्ष बनना चाहिए।

रिपोर्ट प्रशांत त्यागी

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