लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने रामपुर खास से विधायक और कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनके साथ सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस की ओर से की गई ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने अजय राय की जगह ली है। अजय राय अगस्त 2023 से उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पार्टी ने उनके कार्यकाल और संगठन के लिए किए गए योगदान की सराहना करते हुए आभार जताया है।

कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?

आराधना मिश्रा ‘मोना’ प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट से कांग्रेस की विधायक हैं। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। आराधना मिश्रा ने 2014 में रामपुर खास विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव से सक्रिय चुनावी राजनीति में प्रवेश किया और जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने इसी सीट से जीत हासिल की। इस तरह वह लगातार तीन बार रामपुर खास से विधायक चुनी जा चुकी हैं।

रामपुर खास से परिवार की लंबी राजनीतिक पारी

आराधना मिश्रा की राजनीतिक पहचान उनके पिता प्रमोद तिवारी की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक पारी से भी जुड़ी है। प्रमोद तिवारी रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र से लगातार नौ बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 1980 में पहली बार इस सीट से विधानसभा चुनाव जीता था और इसके बाद कई चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। उनका यह लगातार चुनावी रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश की राजनीति में खास तौर पर चर्चित रहा है।

प्रमोद तिवारी के राज्यसभा जाने के बाद रामपुर खास सीट पर उनकी बेटी आराधना मिश्रा ने कांग्रेस का प्रतिनिधित्व संभाला। 2014 के उपचुनाव में जीत के बाद उन्होंने 2017 और 2022 में भी सीट बरकरार रखी।

कांग्रेस में संगठनात्मक जिम्मेदारियां

आराधना मिश्रा लंबे समय से उत्तर प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय हैं। विधानसभा में वह कांग्रेस विधायक दल की नेता की भूमिका भी निभा चुकी हैं। पार्टी के भीतर उन्हें महत्वपूर्ण संगठनात्मक और राजनीतिक जिम्मेदारियां मिलती रही हैं।

2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने संगठन को नए सिरे से तैयार कर रही है।

इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी

आराधना मिश्रा के साथ कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इमरान मसूद सहारनपुर से लोकसभा सांसद हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। नई जिम्मेदारी के साथ प्रदेश संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ गई है।

दो वरिष्ठ उपाध्यक्षों की भी नियुक्ति

प्रदेश कांग्रेस संगठन में दो वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी नियुक्त किए गए हैं। पार्टी ने देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा चौधरी वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधायक दल का नया नेता बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

2027 से पहले कांग्रेस का संगठनात्मक बदलाव

उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस में किया गया यह बदलाव पार्टी के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है। नई टीम के सामने प्रदेश संगठन को मजबूत करने, पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और विधानसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

आराधना मिश्रा के सामने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अब राज्यभर में संगठन को संभालने की चुनौती होगी, जबकि इमरान मसूद की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय राजनीतिक भूमिका को देखते हुए कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर उनकी जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी।

 

अनुज त्यागी

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