फर्जी और मानकविहीन अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग तेज, हिंदू संघर्ष समिति को नरेश टिकैत का समर्थन

सिसौली पहुंचा हिंदू संगठनों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल, भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष से हुई विस्तृत बातचीत; अधिकारियों पर किसी तरह का अनैतिक दबाव न बनाने की बात कही

मुजफ्फरनगर। जनपद में कथित फर्जी और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित अस्पतालों के खिलाफ हिंदू संघर्ष समिति की ओर से चलाया जा रहा अभियान लगातार जोर पकड़ रहा है। समिति का कहना है कि पिछले कई महीनों से वह ऐसे अस्पतालों के खिलाफ आवाज उठा रही है, जहां नियमों और स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। समिति के अनुसार, उसके प्रयासों के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से कई मामलों में जांच एवं कार्रवाई भी की गई है।

इसी अभियान के दौरान समिति के सामने कुछ ऐसे मामले आने का दावा किया गया, जिनमें कार्रवाई की जद में आए अस्पतालों को दोबारा खुलवाने या कार्रवाई में राहत दिलाने के लिए अधिकारियों पर कथित रूप से दबाव बनाने की कोशिश की गई। इस मुद्दे को लेकर हिंदू संघर्ष समिति ने बैठक कर पूरे मामले पर गंभीरता से चर्चा की और स्थिति स्पष्ट करने के लिए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत से मुलाकात करने का निर्णय लिया।

इसी क्रम में हिंदू संघर्ष समिति से जुड़े विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में सिसौली पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत से मुलाकात कर फर्जी अस्पतालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और अधिकारियों पर कथित दबाव बनाए जाने से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की।

वार्ता के दौरान नरेश टिकैत ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले या फर्जी तरीके से संचालित अस्पतालों के पक्ष में अधिकारियों से अनुचित सिफारिश करना भारतीय किसान यूनियन की नीति का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन का कोई भी पदाधिकारी इस प्रकार के मामले में अधिकारियों पर अनैतिक दबाव बनाने या अनुचित सिफारिश करने का कार्य नहीं करेगा।

नरेश टिकैत के इस रुख का प्रतिनिधिमंडल ने स्वागत किया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका अभियान किसी व्यक्ति विशेष या संगठन को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं चलाया जा रहा है। उनका मुख्य उद्देश्य मरीजों के हितों और आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित कराना है।

समिति का कहना है कि जिन अस्पतालों में निर्धारित नियमों और स्वास्थ्य मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उनके संबंध में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।

प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि अस्पतालों से जुड़े नियम केवल कागजी औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि सीधे आम लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े हैं। ऐसे में किसी भी अस्पताल के मामले में कार्रवाई या जांच को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक, सामाजिक अथवा संगठनात्मक दबाव नहीं होना चाहिए।

सिसौली पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार, साधु अरुण प्रताप सिंह, देशराज चौहान, राजेश शर्मा, पवन मित्तल, पवन पांचाल, विजेंद्र धीमान, वैभव यादव, टीटू गुर्जर, मनोज पाटिल, पंकज ठाकुर, चेयरमैन अनिल चौधरी, अभिषेक गर्ग, बालेंद्र प्रधान, अंकित राजपूत, पुष्पेंद्र मलिक, संदीप धीमान, धर्मेंद्र प्रधान, आनंद पाल प्रधान, मास्टर इंद्रचंद, कुलदीप चौधरी, विकास त्यागी, मोहित राणा, विनीत चौधरी और जितेंद्र सिंह समेत विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

हिंदू संघर्ष समिति ने कहा कि जनहित से जुड़े इस अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा। समिति ने दोहराया कि अस्पतालों की जांच और कार्रवाई में नियमों का पालन होना चाहिए तथा मरीजों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

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