मुजफ्फरनगर: बीमार पिता को दवाई दिलाने निकले दो बेटों समेत पिता की मौत, हादसे ने उजाड़ दिया पूरा परिवार; सांसद हरेंद्र मलिक ने पहुंचकर बंधाया ढांढस

रोहित त्यागी

मुजफ्फरनगर। थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मोहल्ला मल्लूपुरा में किराए के मकान में रह रहे एक गरीब परिवार पर नीलगाय के कारण हुए सड़क हादसे ने ऐसा कहर बरपाया कि महज कुछ दिनों के भीतर परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। बीमार पिता को दवाई दिलाने के लिए स्कूटी से निकले दो बेटों और बुजुर्ग पिता की हादसे के बाद एक-एक कर मौत हो गई। तीन मौतों के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं कमाने वाले सदस्यों के चले जाने से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।

जानकारी के अनुसार, 29 अगस्त की सुबह मल्लूपुरा निवासी करीब 80 वर्षीय अशफाक अपने दोनों बेटों करीब 38 वर्षीय मोहम्मद नाहिद और करीब 35 वर्षीय मोहम्मद साजिद के साथ स्कूटी से चरथावल दवाई लेने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही तीनों दधेडू पार कर रजवाहे की पुलिया के पास पहुंचे, तभी जंगल की ओर से अचानक नीलगाय सड़क पर आ गई। अचानक सामने आई नीलगाय से स्कूटी की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही चरथावल पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को उपचार के लिए सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए मोहम्मद साजिद को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेरठ के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद 30 अगस्त को उपचार के दौरान साजिद की मौत हो गई।

परिवार अभी एक बेटे की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि 1 सितंबर को दूसरे बेटे मोहम्मद नाहिद ने भी मुजफ्फरनगर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। नाहिद की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वह अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। उनकी सबसे छोटी बेटी महज डेढ़ वर्ष की बताई जा रही है।

हादसे में गंभीर रूप से घायल करीब 80 वर्षीय अशफाक भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। उन्हें रुड़की रोड स्थित डिवाइन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां करीब पांच दिनों तक उनका उपचार चला। आखिरकार 2 सितंबर की रात अशफाक ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह महज चार-पांच दिनों के भीतर एक ही परिवार के पिता और उनके दोनों बेटों की मौत हो गई।

सांसद हरेंद्र मलिक ने पहुंचकर बंधाया ढांढस

मोहम्मद साजिद की मौत की जानकारी मिलने के बाद मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद हरेंद्र मलिक भी पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया और इस कठिन समय में परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। सांसद ने कहा कि प्रशासन के स्तर से पीड़ित परिवार को जो भी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है, उसे दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

सभासद ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से की आर्थिक मदद की अपील

नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के वार्ड नंबर-7 के सभासद मोहम्मद खालिद ने बताया कि परिवार बेहद गरीब है और लंबे समय से किराए के मकान में रहकर अपना गुजर-बसर कर रहा था। उन्होंने बताया कि बीमार पिता को दवाई दिलाने निकले दोनों बेटों और पिता की हादसे के बाद एक-एक कर मौत हो गई।

सभासद मोहम्मद खालिद ने जिलाधिकारी, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।

डेढ़ साल की बच्ची समेत तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

मोहम्मद नाहिद की मौत के बाद उनके तीन छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। इनमें सबसे छोटी बेटी की उम्र महज डेढ़ वर्ष बताई जा रही है। परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी के बीच किराए के मकान में रह रहा था। अब परिवार के कमाने वाले सदस्यों की मौत के बाद बच्चों की परवरिश और भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

एक नीलगाय के अचानक सड़क पर आने से हुआ यह हादसा एक परिवार के लिए ऐसी त्रासदी बन गया, जिसने कुछ ही दिनों में पिता और उनके दोनों बेटों को छीन लिया। अब परिवार के सामने अपनों को खोने के दर्द के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने और बच्चों के भविष्य को संभालने की बड़ी चुनौती है।

बाइट- मोहम्मद खालिद, वार्ड सभासद

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