चर्चित ‘टॉर्चर फैक्ट्री’ प्रकरण में पूर्व ग्राम प्रधान विपिन को पुलिस ने दबोचा, मजदूरों को बंधक बनाकर करते थे प्रताड़ित
राजसत्ता पोस्ट|असलम त्यागी
मुजफ्फरनगर जनपद के तितावी थाना क्षेत्र के गांव मांडी में मजदूरों को कथित रूप से बंधक बनाकर काम कराने और प्रताड़ित करने के चर्चित ‘टॉर्चर फैक्ट्री’ प्रकरण में पुलिस ने एक और वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। तितावी पुलिस ने मांडी गांव के पूर्व ग्राम प्रधान विपिन पुत्र राजवीर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी विपिन इस मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अंकित बालियान का चाचा है।
यह मामला उस समय सामने आया था, जब मांडी गांव के बाहरी क्षेत्र में संचालित दोना-पत्तल फैक्ट्री में मजदूरों को कथित तौर पर बंधक बनाकर काम कराने और विरोध करने पर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप सामने आए थे। शिकायत और जांच के बाद पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। प्रकरण सामने आने के बाद यह मामला जिले में ‘टॉर्चर फैक्ट्री’ के नाम से चर्चित हो गया।
पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12:42 बजे आरोपी विपिन को मुकंदपुर झाल से करवाड़ा जाने वाले मार्ग पर हैदरनगर जंगल की पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा बाल श्रम अधिनियम 1986, बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम 1976 और किशोर न्याय अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मजदूरों से जुड़े आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में जांच अभी जारी है और अन्य वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष जयवीर सिंह, उपनिरीक्षक नवनीत यादव, कांस्टेबल दीपक कुमार, कांस्टेबल अर्जुन सिंह और महिला कांस्टेबल मेघा चौधरी शामिल रहे।


