17 साल बाद अलग हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पायल नाथ, सुप्रीम कोर्ट में आपसी सहमति से खत्म हुआ तलाक विवाद

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल नाथ के बीच लंबे समय से चल रहा वैवाहिक विवाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में आपसी सहमति से सुलझ गया। दोनों पक्षों ने अदालत को बताया कि उन्होंने सभी विवादों का आपसी समझौते से निपटारा कर लिया है और अब विवाह समाप्त करने पर सहमति बना ली है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समझौते की शर्तों के आधार पर मामले का निस्तारण किया जाएगा

सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि पति-पत्नी ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत संयुक्त आवेदन दाखिल किया है। उन्होंने कहा कि दोनों ने लंबे समय से चले आ रहे विवाद को समाप्त करते हुए अलग-अलग जीवन जीने का फैसला लिया है। साथ ही, एक-दूसरे के खिलाफ लंबित सभी कानूनी मामलों को भी वापस लेने पर सहमति बनी है।
मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने दोनों पक्षों के समझौते का स्वागत किया। अदालत ने कहा कि समझौते की सभी शर्तों को रिकॉर्ड पर लिया जाएगा और उसी के अनुरूप आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को विवाद सुलझाने के लिए अपने मेडिएशन सेंटर भेजा था। अदालत ने पिछली सुनवाई में दोनों को बातचीत के जरिए समाधान निकालने की सलाह दी थी। मध्यस्थता की प्रक्रिया सफल रहने के बाद दोनों ने आपसी सहमति से विवाह समाप्त करने का निर्णय लिया।

यह मामला पहले दिल्ली की फैमिली कोर्ट और फिर दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंचा था। फैमिली कोर्ट ने वर्ष 2016 में उमर अब्दुल्ला की तलाक याचिका खारिज कर दी थी। बाद में दिसंबर 2023 में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उस फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद उमर अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां अब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
उमर अब्दुल्ला और पायल नाथ की शादी 1 सितंबर 1994 को हुई थी। यह प्रेम विवाह था और उनके दो बेटे हैं। हालांकि, वर्ष 2009 से दोनों अलग-अलग रह रहे थे। करीब 17 साल तक चले वैवाहिक विवाद के बाद अब दोनों ने आपसी सहमति से अपने रिश्ते को कानूनी रूप से समाप्त करने का फैसला लिया है।
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