धर्मांतरण प्रकरण में केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग, स्वामी यशवीर महाराज ने सरकार से की सख्त कार्रवाई की अपील

अनुज त्यागी

मुजफ्फरनगर। खतौली क्षेत्र के फुलत गांव स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसा से जुड़े कथित धर्मांतरण प्रकरण को लेकर योग साधना आश्रम, बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने एक विस्तृत प्रेस बयान जारी कर मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा एसपी देहात के नेतृत्व में गठित जांच टीम पूरे मामले का खुलासा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, यदि जांच निष्पक्ष और व्यापक रूप से करनी है तो इसे किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए।

प्रेस बयान में स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि मदरसे के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके पुत्र मौलाना जुबेर अंसारी का कथित नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से बड़े स्तर पर हिंदुओं का धर्मांतरण कराया गया और कई युवतियों का धर्म परिवर्तन कराकर उनका मुस्लिम युवकों से निकाह कराया गया। इन आरोपों के समर्थन में प्रेस बयान में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।

उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की अपील की। साथ ही उन्होंने आरोपितों की कथित संपत्तियों, आर्थिक स्रोतों और फंडिंग की भी जांच कराने की मांग की। स्वामी यशवीर महाराज ने दोनों आरोपितों का नार्को टेस्ट कराए जाने की भी मांग उठाई और कहा कि इससे पूरे मामले के तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।

प्रेस बयान में उन्होंने यह भी कहा कि जुगनू शर्मा के धर्मांतरण को लेकर जो समय-सीमा बताई जा रही है, वह उनकी जानकारी के अनुसार सही नहीं है। साथ ही उन्होंने एक अन्य व्यक्ति का भी उल्लेख करते हुए धर्मांतरण से जुड़े अतिरिक्त आरोप लगाए।

स्वामी यशवीर महाराज ने चेतावनी दी कि यदि मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती, उनकी संपत्तियों की जांच नहीं कराई जाती और कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, तो हिंदू समाज के सहयोग से फुलत स्थित मदरसे का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।

नोट: यह समाचार स्वामी यशवीर महाराज द्वारा जारी प्रेस बयान पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

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