राम मंदिर चंदा मामले में दिग्विजय सिंह के सवाल, बोले- SIT जांच के बाद हुई FIR, पुलिस को रिमांड लेनी चाहिए थी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा अनियमितता मामले को लेकर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं राम मंदिर निर्माण के लिए 1,11,000 रुपये का चंदा चेक के माध्यम से दिया था। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रस्ट के प्रतिनिधियों का चयन किया था, लेकिन इस पूरे मामले पर अब तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए दान में मिली राशि और उससे जुड़े लेन-देन में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। उनका कहना है कि मामले में बड़े स्तर पर गड़बड़ी के आरोप लगे, लेकिन लंबे समय तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में एसआईटी की जांच के उपरांत मुकदमा दर्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस को आरोपियों की रिमांड लेकर गहन पूछताछ करनी चाहिए थी, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। दिग्विजय सिंह ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

