मजदूर की बेरहमी से पिटाई कर हाथ तोड़ने वाले आरोपी को चरथावल पुलिस ने किया गिरफ्तार
राजसत्ता पोस्ट | असलम त्यागी
मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल थाना क्षेत्र के गांव रोनी हरजीपुर में बिहार से आए एक मजदूर के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट करने के मामले में चरथावल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मजदूर की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार, 25 जून 2026 को गांव रोनी हरजीपुर निवासी बबलू उर्फ मनोज पुत्र जगपाल (51 वर्ष) का अपने यहां कार्यरत मजदूर राजू पुत्र बजल, निवासी ग्राम खाज हटिया, पोस्ट गौरीपुर, थाना पुरनपुर, जिला कटिहार (बिहार) से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान बबलू ने गाली-गलौज करते हुए राजू पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि मजदूर के दाहिने हाथ की हड्डी टूट गई। घायल मजदूर ने किसी तरह पुलिस तक पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित की तहरीर में बताया गया कि वह 14 जून 2026 को काम करने के लिए आरोपी के यहां आया था। घटना के बाद उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके आधार पर पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया। इसी बीच मारपीट का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
घटना का संज्ञान लेते हुए चरथावल पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना चरथावल में अपराध संख्या 106/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 117(2) एवं 352 में मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह परिहार को सौंपी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. विनय द्विवेदी तथा थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यनारायण दहिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 26 जून 2026 को आरोपी बबलू उर्फ मनोज को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह परिहार और हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और मेडिकल रिपोर्ट सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य सामने आते हैं तो आवश्यक धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट, उत्पीड़न या कानून हाथ में लेने जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और कार्यस्थलों पर उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

