गरीबों की आवाज उठाना गुनाह नहीं : फरहाद आलम 
Rajsatta Post
सहारनपुर। वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता और नकुड विधानसभा से जुड़े फरहाद आलम गाडा ने सांसद इकरा हसन के साथ हुए घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि न्याय मांगने गईं सांसद इकरा हसन और पीड़ितों के साथ जो बर्ताव हुआ, वह लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है।
फरहाद आलम गाडा ने कहा कि सांसद इकरा हसन पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सहारनपुर डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। लेकिन दुख की बात ये रही कि पीड़ितों की मदद करने के बजाय उन्हीं को जेल भेज दिया गया। हांलाकि धरने पर बैठने के बाद अगले दिन उन्हें रिहा कर दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब गरीब और पीड़ितों की आवाज उठाना भी गुनाह है? फरहाद आलमगाडा ने कहा कि आज देश और प्रदेश में जिस तरह अत्याचार और तानाशाही बढ़ रही है, उसके खिलाफ हर इंसाफ पसंद व्यक्ति को एकजुट होना होगा। हम सांसद इकरा हसन के साहस, संघर्ष और जनता के लिए लड़ने की भावना को सलाम करते हैं।
फरहाद आलम गाडा ने ऐलान किया कि जो पीड़ित है वो पीडीए है पीडीए समाज के लोगो को इंसाफ मिलने तक मैं तन, मन, धन से सांसद इकरा हसन का समर्थन करता हूं और न्याय की इस लड़ाई में हर कदम उनके साथ खड़ा हूं।

