वृद्ध किसान के गन्ना भुगतान में ₹36,100 की धोखाधड़ी का आरोप, जिलाधिकारी से जांच की मांग
असलम त्यागी |चरथावल
गन्ना पर्ची बंद हुई… मदद के नाम पर आधार लिया गया और फिर खाते से गायब हो गए ₹ 36,100 रुपये, वृद्ध किसान ने DM से लगाई न्याय की गुहार
मुजफ्फरनगर जनपद के थाना चरथावल क्षेत्र के ग्राम रोनी हरजीपुर में एक वृद्ध किसान के साथ गन्ना भुगतान में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान सुभाष चन्द (उम्र करीब 65 वर्ष), पुत्र कालू, ने जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसान का आरोप है कि उसके साथ धोखाधड़ी कर उसके गन्ने के भुगतान की राशि ₹36,100 हड़प ली गई।
पीड़ित किसान सुभाष चन्द ने बताया कि वह गन्ने की खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है और उसका गन्ना तितावी चीनी मिल में जाता है। उसका किसान कोड संख्या 2429 है, जिसके तहत उसका बैंक खाता और मोबाइल नंबर पहले से पंजीकृत था। वर्ष 2024-25 में अचानक उसकी गन्ना पर्ची आनी बंद हो गई, जिससे वह परेशान हो गया। इसी दौरान उसने अपने ही गांव के पंकज पुत्र नाथी और अरुण पुत्र सुखवीर से संपर्क किया, जिन्होंने उसे आश्वासन दिया कि वे उसका मिल खाता चेक करवा देंगे।
आरोप है कि इसी दौरान दोनों लोगों ने उसे झांसे में लेकर यह कहा कि उसका मिल खाता किसी कारण से बंद हो गया है और उसे दोबारा चालू कराने के लिए आधार कार्ड और आवेदन पत्र की आवश्यकता है। इसी बहाने किसान से आधार कार्ड लिया गया और एक कोरे कागज पर उसके अंगूठे का निशान भी लगवा लिया गया। पीड़ित का कहना है कि उसे यह बताया गया कि यह प्रक्रिया का हिस्सा है।
कुछ समय बाद उसकी गन्ना पर्ची फिर से शुरू हो गई, लेकिन जब भुगतान उसके बैंक खाते में नहीं आया तो उसे शक हुआ। इसके बाद उसने मिल और संबंधित सोसायटी में जानकारी की तो पता चला कि उसके किसान कोड 2429 से जुड़ा बैंक खाता बदल दिया गया है और उसके स्थान पर कैनरा बैंक का खाता संख्या 11009480845151 जोड़ दिया गया है, जो कथित रूप से अरुण के नाम पर बताया जा रहा है। इसी खाते में गन्ने का पूरा भुगतान ट्रांसफर कर दिया गया।
किसान के अनुसार इस खाते में कुल ₹ 36,100 की राशि भेजी गई, जिसे धोखाधड़ी कर हड़प लिया गया। जब उसने इस मामले में आरोपियों से बात की तो उसे धमकी भी दी गई और कहा गया कि “हमारी मिल में सेटिंग है, जो करना है कर लो।”
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और कूटरचित तरीके से सरकारी भुगतान हड़पने का है। घटना के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश देखा जा रहा है और लोग इसे गंभीर धोखाधड़ी का मामला बता रहे हैं।
किसान ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, बैंक खाते और गन्ना भुगतान रिकॉर्ड की गहन जांच हो तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

