जयघोषों और भक्ति के माहौल में ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना हुई भगवान श्री मद्महेश्वर की डोली, श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
अनुज त्यागी
रुद्रप्रयाग।उत्तराखंड की पावन देवभूमि में आस्था, श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम के बीच भगवान श्री मद्महेश्वर की उत्सव डोली आज विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के साथ श्री ओंकारेश्वर मंदिर से अपने धाम के लिए रवाना हुई। डोली प्रस्थान के दौरान पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” और भगवान मद्महेश्वर के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा तथा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

डोली यात्रा के शुभारंभ से पूर्व श्री ओंकारेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान एवं वैदिक विधियों के साथ भगवान की आराधना की गई। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय ग्रामीण, तीर्थयात्री एवं भक्तजन उपस्थित रहे और इस पावन क्षण के साक्षी बने।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-दमाऊ की गूंज और भक्तिमय वातावरण के बीच भगवान श्री मद्महेश्वर की डोली अपने प्रथम पड़ाव की ओर रवाना हुई। डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिली। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया गया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की गई।

भगवान श्री मद्महेश्वर की डोली यात्रा उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक मानी जाती है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि श्रद्धा, संस्कृति और सनातन आस्था का जीवंत स्वरूप है, जिसमें प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर अपनी भक्ति और विश्वास का परिचय देते हैं।
भगवान श्री मद्महेश्वर की डोली के प्रस्थान के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण और अधिक बढ़ गया है तथा श्रद्धालुओं में आगामी यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
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