मुजफ्फरनगर में निजी स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ शिवसेना का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

मुजफ्फरनगर। जनपद में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों से की जा रही कथित मनमानी फीस वसूली और आर्थिक शोषण के विरोध में गुरुवार को शिवसेना ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की।

यह प्रदर्शन शिवसेना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बैनर तले पश्चिम प्रदेश प्रमुख ललित मोहन शर्मा के आवाहन पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए और अभिभावकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जिले में शिक्षा का क्षेत्र तेजी से व्यवसाय का रूप लेता जा रहा है, जिससे आमजन पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर संतोषजनक न होने के कारण अभिभावक मजबूरीवश अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजते हैं। इसी मजबूरी का लाभ उठाकर निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल रहा है। किताबों, ड्रेस और अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर अत्यधिक धनराशि ली जा रही है, जिससे अभिभावकों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

शिवसेना पदाधिकारियों ने बताया कि पहले जहां किताबों पर 1000 से 1500 रुपये तक का कमीशन लिया जाता था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 5000 रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा, लगभग 200 रुपये की ड्रेस को 1500 से 2000 रुपये तक बेचा जा रहा है। छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए भी किताबों का खर्च 4000 से 5000 रुपये तक पहुंच गया है, जो अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पब्लिकेशन कंपनियों से निजी स्कूलों को पहले से ही लगभग 60 प्रतिशत तक कमीशन प्राप्त होता है, इसके बावजूद अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। संगठन ने इसे अभिभावकों का खुला आर्थिक शोषण बताया।

शिवसेना ने प्रशासन से मांग की है कि निजी स्कूलों में हर वर्ष अगली कक्षा में प्रवेश के नाम पर दोबारा एडमिशन फीस लेना बंद किया जाए। साथ ही अभिभावकों को किसी एक दुकान से किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। संगठन ने यह भी मांग की कि प्रत्येक कक्षा के अनुसार फीस निर्धारित की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता रद्द की जाए।

जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की तो शिवसेना बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि संगठन को लगातार अभिभावकों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया है।

इस दौरान पश्चिमी प्रदेश उप-प्रमुख प्रमोद अग्रवाल, जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा, छात्र सभा जिला अध्यक्ष जतिन बशिष्ठ सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजीव शर्मा, भुवन मिश्रा, विवेक, मोहित पाल, रवि पाल, पुपिंदर पाल, मयंक, प्रिंस, मनीष बालियान, अरविंद कौशिक, राकेश सोनकर, रूपराम कश्यप, पिंकू कश्यप, अर्जुन राजपूत, शैलेंद्र विश्वकर्मा, उज्ज्वल पंडित, अभिषेक शर्मा, आनंद दीप प्रजापति, दिनेश कुमार, अंकुर सैनी, श्यामवीर, प्रत्यक्ष, निहाल सिंह, करण सैनी, राजेश अरोड़ा, रोशन सोनकर, लाल निकुंज चौहान, गौरव, संजय गुप्ता और अमित राजपूत सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा जनपद में चर्चा का विषय बन गया है। अभिभावकों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे शिक्षा के नाम पर हो रही मनमानी पर रोक लगाई जा सके।

#AnujTyagiPost #RajsattaPost

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *