मोहब्बत के आगे कद और धर्म भी फीके: 9वीं कक्षा से शुरू हुआ प्यार, परिजनों के विरोध के बीच प्रेमी युगल ने रचाई शादी
मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश)। अक्सर कहा जाता है कि सच्चा प्रेम न तो रूप देखता है, न कद और न ही धर्म—और इसी कहावत को हकीकत में बदलकर दिखाया है आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम के एक प्रेमी युगल ने। यहां एक मुस्लिम युवती ने समाज और परिवार की तमाम बंदिशों को दरकिनार करते हुए अपने हिंदू मित्र वेमुला शशि से विवाह कर लिया। यह अनोखी शादी अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजूपेटा निवासी वेमुला शशि और मुस्लिम समुदाय की युवती की मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी। दोनों 9वीं कक्षा में एक साथ पढ़ते थे। इसी दौरान उनके बीच दोस्ती हुई, जो समय के साथ गहरे प्रेम में बदल गई।
विशेष बात यह है कि युवक कद में छोटा (बौना) है, लेकिन युवती ने कभी भी उसकी शारीरिक बनावट को अपने रिश्ते के बीच आने नहीं दिया। युवती का कहना है कि उसने हमेशा युवक के व्यवहार, ईमानदारी और आपसी विश्वास को ही प्राथमिकता दी।
वर्तमान में वेमुला शशि जिला न्यायालय में अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर कार्यरत हैं, जबकि युवती एक मेडिकल स्टोर में काम करती है। दोनों ही अपनी आजीविका स्वयं चला रहे हैं। जब दोनों ने अपने रिश्ते को विवाह में बदलने का निर्णय लिया, तो उन्हें परिवार और समाज के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि इस विवाह में धर्म का अंतर भी एक बड़ी बाधा बना। युवती के परिजनों और रिश्तेदारों ने इस रिश्ते पर कड़ी आपत्ति जताई और उसे तोड़ने का दबाव बनाया। हालांकि, युवती अपने निर्णय पर अडिग रही और उसने साफ तौर पर अपने प्रेमी के साथ जीवन बिताने की इच्छा जताई।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब परिजनों के विरोध के चलते युगल को अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका होने लगी। इसके बाद दोनों इनुकुदुरुपेटा पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई। युगल ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ेंगे।
दुल्हन ने भावुक होकर बताया कि वह 9वीं कक्षा से ही युवक से प्रेम करती है और उसी समय उसने उसे अपना जीवनसाथी मान लिया था। वर्षों पुराने इस रिश्ते को आखिरकार विवाह का रूप देकर दोनों ने अपने प्रेम को मुकाम तक पहुंचाया।
यह विवाह समाज के लिए एक उदाहरण बनकर सामने आया है, जो यह दर्शाता है कि सच्चा प्रेम किसी भी प्रकार की सामाजिक, धार्मिक या शारीरिक सीमाओं में बंधा नहीं होता। मजबूत इरादों और आपसी विश्वास के दम पर यह जोड़ा उन सभी बाधाओं को पार करने में सफल रहा, जो उनके रास्ते में खड़ी थीं।
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