मुजफ्फरनगर में शत्रु संपत्ति पर कब्जे का आरोप, भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग
मुजफ्फरनगर। जनपद में शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जे और उसे बेचने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में अरुण प्रताप सिंह द्वारा जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम शहाबुद्दीनपुर अंदर हदूद स्थित खसरा संख्या 1454 की रकबई 1211/1, जो फसली वर्ष 1359 की शत्रु संपत्ति है, को कुछ भूमाफियाओं द्वारा अवैध रूप से अपने नाम दर्ज कराकर करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया गया है। बताया गया कि यह भूमि जिया मोहम्मद व मोहम्मद सफी हज्जाम की थी, जो देश के बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त भूमि में मरघट की जमीन भी शामिल है, जिसे शहर के कुछ राजनीतिक व्यक्तियों और राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से अवैध रूप से बांटकर अपने नाम दर्ज कराया गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है और संबंधित लोग गिरोह बनाकर इस प्रकार की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
अरुण प्रताप सिंह ने अपने ज्ञापन में कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में भूमाफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और प्रदेशभर में अवैध कब्जों पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में मुजफ्फरनगर में भी इस गंभीर प्रकरण पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की जानी आवश्यक है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि फसली वर्ष 1359 से 1417 तक के अभिलेखों की गहन जांच कराई जाए तथा सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं और इसमें सहयोग करने वाले राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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