विदेश भेजने के नाम पर लाखो की ठगी व युवकों को म्यांमार के स्कैम सेंटर में बेचे जाने का आरोप 
असलम त्यागी | चरथावल
मुजफ्फरनगर जनपद के तीतावी थाना क्षेत्र के बघरा गांव निवासी एक परिवार ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये से अधिक की ठगी और युवकों को म्यांमार के कथित स्कैम सेंटर में बंधक बनाकर रखने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पीड़ित छम्मन खां व मोहम्मद नसीम के अनुसार, बघरा निवासी इंतजार सैफी तथा उसका रिश्तेदार इमरान सैफी (कस्बा बुढाना) ने उनके पुत्र उमर खां व अजीम सैफी को थाईलैंड में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। 800 डॉलर प्रतिमाह वेतन का लालच देकर पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 15 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद विभिन्न किस्तों में कुल लगभग 15 लाख 10 हजार रुपये वसूल लिए गए।
परिजनों का आरोप है कि युवकों को टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड भेजा गया। टिकट में गड़बड़ी के बाद उन्हें दोबारा बैंकॉक भेजा गया। वहां से कथित रूप से सीमा पार कर म्यांमार के के.के. पार्क क्षेत्र स्थित एक स्कैम सेंटर में बंधक बनाकर रखा गया।
परिवार का कहना है कि वहां हथियारबंद विदेशी लोगों द्वारा युवकों के साथ मारपीट की गई और एक युवक के पैर का लिगामेंट तक तोड़ दिया गया। बाद में फोन पर बताया गया कि उन्हें मोटी रकम लेकर “बेच” दिया गया है और भारत लौटने के लिए अतिरिक्त धनराशि देनी होगी। बेटों की सकुशल वापसी के लिए परिजनों ने आरोपियों को करीब 15 लाख रुपये और देने का दावा किया है। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास ऑनलाइन लेनदेन के रिकॉर्ड, वीडियो और मेडिकल दस्तावेज मौजूद हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित परिवार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखित शिकायत भेजते हुए मामले में मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई कराने की मांग की है। प्रकरण मानव तस्करी और अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

