मुजफ्फरनगर में एटीएस व्यवस्था के विरोध में भाकियू (अराजनितिक) ने आरटीओ प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनितिक) के जिला अध्यक्ष अक्षय त्यागी के नेतृत्व में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने आरटीओ प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जनपद के व्यावसायिक वाहन स्वामियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच से जुड़ी नई व्यवस्था की ओर आकृष्ट कराया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार जनपद मुजफ्फरनगर में व्यावसायिक वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और अब वाहनों को अन्य जनपदों/राज्यों जैसे Bijnor तथा Haridwar स्थित स्वचालित परीक्षण केंद्र (एटीएस) पर भेजा जा रहा है। इस निर्णय से ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों, बस एवं ट्रक ऑपरेटरों, लघु व्यावसायिक वाहन संचालकों, ई-रिक्शा एवं टैम्पो चालकों के सामने गंभीर व्यावहारिक व आर्थिक कठिनाइयाँ खड़ी हो गई हैं।
भाकियू पदाधिकारियों का कहना है कि अन्य जनपदों में फिटनेस जांच कराने के लिए जाने से समय की बर्बादी, अतिरिक्त ईंधन खर्च, कामकाज में बाधा और छोटे वाहन संचालकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। विशेष रूप से दैनिक आय पर निर्भर ई-रिक्शा और टैम्पो चालकों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
इसी संदर्भ में संगठन ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में जनहित को ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरनगर में ही स्वचालित परीक्षण केंद्र (एटीएस) स्थापित किए जाने अथवा पूर्व की भांति मैनुअल फिटनेस जांच व्यवस्था बहाल किए जाने की मांग की गई है।
इस दौरान युवा महानगर अध्यक्ष वसीम खान, राहुल मलिक, ब्लॉक अध्यक्ष शाहपुर गैयूर मलिक, मनोज ठाकुर, प्रवीण कुमार, असद खान, दिलशाद अंसारी, आस मोहम्मद कुकड़ा, प्रदीप कुमार, राजू सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

