उज्ज्वला योजना में बड़ा बदलाव: अब साल में केवल 4 सिलेंडरों पर मिलेगी सब्सिडी

राजसत्ता पोस्ट |असलम त्यागी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या कम कर दी है। अब योजना के लाभार्थियों को एक वर्ष में 9 की बजाय केवल 4 रसोई गैस सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
सरकार के इस फैसले के तहत लाभार्थियों को पहले चार रिफिल पर 14.2 किलोग्राम के प्रत्येक सिलेंडर पर ₹300 की प्रत्यक्ष सब्सिडी उनके बैंक खातों में मिलती रहेगी। इसके बाद खरीदे जाने वाले सिलेंडरों के लिए उन्हें बाजार मूल्य का भुगतान करना होगा। दिल्ली में वर्तमान दरों के अनुसार सब्सिडी के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों को पहले चार सिलेंडर लगभग ₹642 प्रति सिलेंडर की दर से उपलब्ध होंगे, जबकि सामान्य उपभोक्ताओं के लिए इसकी खुदरा कीमत ₹942 प्रति सिलेंडर है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि उज्ज्वला योजना से जुड़े अधिकांश परिवारों की औसत वार्षिक खपत चार से पांच सिलेंडर के बीच है। इसी को ध्यान में रखते हुए सब्सिडी व्यवस्था को वास्तविक उपभोग के अनुरूप बनाया गया है।
सरकार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में हाल के महीनों में तेज बढ़ोतरी हुई है। विशेष रूप से मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (SCP) में फरवरी के बाद से लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके चलते सरकारी तेल विपणन कंपनियों को घरेलू एलपीजी सिलेंडरों पर भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सरकार के वित्तीय बोझ को कम करने की दिशा में उठाया गया है, जबकि सरकार का दावा है कि इससे अधिकांश गरीब परिवारों की रसोई गैस जरूरतों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उनकी औसत खपत चार सिलेंडर के आसपास ही रहती है।
उल्लेखनीय है कि उज्ज्वला योजना के तहत देशभर में करोड़ों गरीब परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिला है।

