Anuj Tyagi


उत्तराखण्ड में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ बना सुशासन का मजबूत मॉडल

13 जिलों में 555 शिविर, 4.36 लाख लोगों की सहभागिता, 29 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण

उत्तराखण्ड में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ कार्यक्रम के जरिए सरकार सीधे जनता तक पहुंच रही है। 03 फरवरी 2026 तक राज्य के सभी 13 जनपदों में 555 जनसुनवाई शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 4.36 लाख से अधिक लोगों ने सहभागिता की।

इन शिविरों में 43,032 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 29,042 का निस्तारण किया जा चुका है। इसके साथ ही 61,460 से अधिक प्रमाण पत्र और सेवाएं मौके पर ही प्रदान की गईं, जबकि विभिन्न योजनाओं के तहत 2.39 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ पहुंचाया गया।

कार्यक्रम का विशेष लाभ दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं को मिला है। महिलाएं अब अपने गांव में ही प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सेवाएं प्राप्त कर रही हैं। प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों के निस्तारण से प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

यह पहल उत्तराखण्ड में शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने और राज्य को गुड गवर्नेंस के आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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