प्रयागराज मेले की घटना के विरोध में मुजफ्फरनगर में संत-ब्राह्मण समाज का प्रदर्शन, शंकराचार्य से अभद्रता और यूजीसी कानून को लेकर सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मुज़फ्फरनगर
प्रयागराज मेले में जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी के साथ कथित अभद्र व्यवहार तथा उनके बटुक शिष्यों की शिखा पकड़कर मारपीट किए जाने की घटना और केंद्र सरकार द्वारा स्वर्ण विरोधी यूजीसी कानून लागू किए जाने के विरोध में ब्राह्मण समाज, संत समाज एवं समस्त सनातनी समाज ने कड़ा रोष व्यक्त किया।
रविवार को 25 जनवरी 2026 को जनपद मुजफ्फरनगर के शिव चौक स्थित तुलसी पार्क में आयोजित विरोध प्रदर्शन में सर्वप्रथम सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके पश्चात वक्ताओं ने प्रयागराज मेले में हुई घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह सनातन धर्म और संत समाज का घोर अपमान है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस प्रकार की बर्बरता अंग्रेजी शासनकाल में भी संतों और ब्राह्मणों के साथ नहीं हुई थी।
विरोध सभा में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मांग की गई कि उत्तर प्रदेश सरकार जगद्गुरु शंकराचार्य जी से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगे तथा इस घटना में संलिप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे। साथ ही केंद्र सरकार से स्वर्ण विरोधी यूजीसी कानून को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई गई।
वक्ताओं ने कहा कि सनातन और ब्राह्मण समाज लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का समर्थक रहा है और सरकार बनाने में उसकी अहम भूमिका रही है, इसके बावजूद यदि सनातन धर्म के उच्च पद पर आसीन धर्मगुरुओं के साथ ऐसा व्यवहार होता है तो यह कतई स्वीकार्य नहीं है। चेतावनी दी गई कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो देशभर में पुरोहित, संत, स्वर्ण समाज एवं समस्त सनातनी समाज एक बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
इस विरोध प्रदर्शन में ललित मोहन शर्मा के संगठन शिवसेना का भी समर्थन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पंडित रामानुज दुबे, पंडित अमित तिवारी शास्त्री, पंडित ध्यानचंद कुश, अनीता ठाकुर, पंडित अमित दुबे, पंडित आशु कौशिक, पंडित श्रवण कौशिक, प्रिंस ठाकुर, पंडित चिरायु गालव, पंडित राजेश जैमिनी, पंडित देवशरण शास्त्री, पंडित सोनू वशिष्ठ, पंडित प्रहलाद कौशिक, पंडित विजय कौशिक, पंडित पंकज शुक्ला, पंडित अमित वसिष्ठ, पंडित राजीव पाराशर, पंडित आशीष मुद्गल, पंडित धर्मेंद्र लोमस, व्यापारी नेता संजय मिश्रा, संजय शर्मा, संदीप शुक्ला, ठाकुर हरेंद्र राणा, ठाकुर शिव प्रताप राणा, पंडित अनुज तिवारी, पंडित अंकित मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में सनातनी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

