हापुड़ में दो युगपुरुषों का पुण्य स्मरण, प्रकाशवीर शास्त्री और दुष्यंत कुमार को श्रद्धांजलि
हापुड़: मंगलवार को हापुड़ में दो महान विभूतियों का पुण्य स्मरण किया गया। स्वामी सहजानंद सेवा संस्थान द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रख्यात वक्ता, आर्यसमाजी नेता और धारा 370 की समाप्ति तथा बढ़ते धर्मांतरण के विरोध में लोकसभा में पहला निजी विधेयक लाने वाले तीन अलग -अलग लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लोकसभा पहुंचने वाले वह एक बार राज्यसभा सांसद स्व. पंडित प्रकाशवीर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए।

कार्यक्रम में आपातकाल के दमनकारी दौर में अपनी रचनाओं से तत्कालीन कांग्रेस शासन की बुनियाद हिला देने वाले क्रांतिकारी ग़ज़लकार स्व. दुष्यंत कुमार को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि दोनों महापुरुषों ने अपने-अपने क्षेत्र में निर्भीक होकर सत्ता से सवाल पूछे और समाज को नई दिशा दी।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि “पंडित प्रकाशवीर शास्त्री संसद में राष्ट्रवादी चेतना की सशक्त आवाज़ थे, जबकि दुष्यंत कुमार ने अपनी लेखनी से लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की। ऐसे व्यक्तित्व किसी एक विचारधारा के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर हैं।”
उन्होंने सरकार से दोनों महापुरुषों को पद्म सम्मान से अलंकृत करने की मांग करते हुए कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, साहस और वैचारिक दृढ़ता की प्रेरणा मिलेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दोनों महामानवों के विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताते हुए उनके जीवन और कृतित्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया।


