Anuj Tyagi

जग्गाहेड़ी टोल प्लाजा पर भाकियू (तोमर) का जोरदार प्रदर्शन, अभद्रता करने वाले दो टोल कर्मी बर्खास्त
सीओ फुगाना व नायब तहसीलदार को सौंपा गया 17 सूत्रीय ज्ञापन

मुजफ्फरनगर। जग्गाहेड़ी टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों द्वारा किसानों के साथ किए गए अभद्र व्यवहार के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के आह्वान पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। भाकियू (तोमर) के पहुंचते ही टोल प्लाजा पर अफरा-तफरी मच गई और टोल कर्मी अपने केबिन छोड़कर भागते नजर आए।

प्रदर्शन की घोषणा के बाद से ही जिला प्रशासन सक्रिय मोड में दिखाई दिया। 20 दिसंबर की सुबह से ही सीओ फुगाना, कोतवाल तितावी और कोतवाल छपार द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर से लगातार संपर्क साधा गया। देर शाम संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय पर पुलिस अधिकारियों एवं टोल प्रबंधन के साथ करीब 1 घंटा 45 मिनट तक मैराथन वार्ता चली। अधिकारियों द्वारा भविष्य में सुधार का आश्वासन दिए जाने के बावजूद चौधरी संजीव तोमर ने पूर्व निर्धारित शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रद्द करने से स्पष्ट इनकार कर दिया।

जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जग्गाहेड़ी टोल प्लाजा पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सीओ फुगाना एवं नायब तहसीलदार को 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि जब तक सड़कें दुरुस्त नहीं होंगी, तब तक टोल वसूली बंद की जाए। किसानों के ट्रैक्टरों से किसी भी परिस्थिति में टोल न लिया जाए। टोल पर तैनात सभी कर्मियों का पुलिस सत्यापन कराया जाए तथा अपराधिक रिकॉर्ड वाले कर्मचारियों को तत्काल हटाया जाए। इसके साथ ही टोल क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और वृक्षारोपण कराने की मांग भी उठाई गई।

प्रदर्शन का तत्काल असर देखने को मिला। संगठन के उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र के साथ अभद्रता करने वाले दो टोल कर्मियों को प्रबंधन द्वारा तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। टोल प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में इस तरह की घटनाएं न होने का आश्वासन दिया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि “गुंडई का इलाज डंडा है” और यदि किसानों का उत्पीड़न हुआ तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। वहीं जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन दोबारा महापंचायत करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली बार हालात बिगड़ने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी टोल प्रशासन और जिला प्रशासन की होगी।

प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष महबूब बालियान, पश्चिमी प्रदेश अध्यक्ष रिहान, युवा प्रभारी हसीर भंडूरा, दीपक तोमर, सोनू चौधरी, साजिद अल्वी, नौशाद अल्वी, आकिर राणा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


 

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