मुजफ्फरनगर।
विकास खंड चरथावल के अंतर्गत आने वाली कुटेसरा ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई है। गांव में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सरकारी बजट से लगाए गए बड़े और छोटे कूड़ेदान लंबे समय से बेकार पड़े हैं। पंचायत द्वारा इनका उचित उपयोग न किए जाने के कारण ग्रामीण खुले में ही कचरा फेंकने को मजबूर हैं।
गाँव की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। मियां वाले तालाब, श्मशान घाट चौक, कुटेसरा बस स्टैंड और कसौली मार्ग पर जगह–जगह कूड़े के बड़े ढेर जमा हो चुके हैं। इन कूड़े के ढेरों से उठ रही तेज दुर्गंध पूरे इलाके में फैल रही है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों ने बताया कि सुबह–शाम इस मार्ग से गुजरना तक मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मियों की अनियमितता, तथा पंचायत की लंबे समय से जारी उदासीनता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन न तो नियमित सफाई शुरू हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। कूड़े का ढेर न केवल वातावरण को दूषित कर रहा है, बल्कि संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ा रहा है।
कई ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में यह कूड़ा सड़कों पर बहने लगता है और कई जगहों पर गंदा पानी भरकर मच्छर व बदबू का बड़ा स्रोत बन जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को गंभीर खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने पंचायत व प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल सफाई अभियान चलाया जाए, जगह–जगह जमा कचरे को हटाया जाए, कूड़ेदानों को नियमित उपयोग में लाया जाए और सफाई कर्मियों की जवाबदेही तय की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या की और अनदेखी जारी रही, तो यह स्थिति जल्द ही बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।

