मुजफ्फरनगर में तीन दिवसीय कृषि मेले का हुआ भव्य समापन, किसानों को नई तकनीक और योजनाओं से जोड़ने पर दिया गया विशेष जोर
मुजफ्फरनगर: नवीन मंडी स्थल पर आयोजित तीन दिवसीय कृषि प्रदर्शनी व किसान मेले का समापन शुक्रवार को भव्य तरीके से हुआ। समापन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल तथा मुजफ्फरनगर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी स्वरूप ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

कार्यक्रम में तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों से आए कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों और किसानों ने भाग लिया। राज्य मंत्री व पालिका अध्यक्ष ने सभी आगंतुकों और प्रतिभागियों का सम्मान करते हुए उन्हें मोमेंटो भेंट किए।
राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के कृषि मेले न केवल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हैं, बल्कि उन्हें सरकार की योजनाओं की सीधी जानकारी भी देते हैं। उन्होंने कहा कि “आज खेती सिर्फ परंपरागत साधनों तक सीमित नहीं रह गई है। वैज्ञानिक तरीके से की गई खेती, आधुनिक उपकरणों का उपयोग और नई फसलों की जानकारी ही किसानों की आय बढ़ाने की कुंजी है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं — जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सोलर पंप योजना, जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि — का लाभ हर किसान तक पहुंचे, यही इन मेलों का मुख्य उद्देश्य है।

नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी स्वरूप ने कार्यक्रम के आयोजक भरत बालियान और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर मेले का सफल आयोजन पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल किसानों को जानकारी देते हैं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं। मीनाक्षी स्वरूप ने भरोसा जताया कि भविष्य में भी इसी तरह के आयोजन होते रहेंगे, जिससे किसानों को निरंतर नई जानकारी मिलती रहेगी।
कार्यक्रम में धर्मवीर बालियान, जयवीर सिंह, रोहित तोमर, सोनू तेवतिया, रवि जागलान, सोनू पंवार, शरद पांडे सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। किसानों ने मेले में प्रदर्शित आधुनिक ट्रैक्टर, सिंचाई प्रणाली, ड्रिप टेक्नोलॉजी, ड्रोन स्प्रे सिस्टम, ऑर्गेनिक फार्मिंग उपकरणों और बीज कंपनियों के स्टॉलों का अवलोकन किया।

मेले के दौरान कृषि विभाग और निजी कंपनियों की ओर से किसानों को फसल बीमा, मृदा परीक्षण, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।
किसानों ने बताया कि ऐसे मेलों से उन्हें सीधे विशेषज्ञों से संवाद करने और नई खेती तकनीकों को अपनाने का मौका मिलता है, जो उनकी उत्पादकता और आमदनी बढ़ाने में सहायक होगा।
राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अंत में कहा कि “किसान देश की रीढ़ हैं, और ऐसे आयोजन सरकार और किसानों के बीच की दूरी को कम करने का माध्यम हैं।”
मेले में आए सभी किसान भाइयों और आगंतुकों के लिए खाने-पीने की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। पूरे आयोजन के दौरान भोजन की गुणवत्ता और स्वाद की सभी ने जमकर प्रशंसा की। किसानों ने कहा कि आयोजन समिति द्वारा की गई यह व्यवस्था वास्तव में सराहनीय रही — भोजन स्वादिष्ट, स्वच्छ और समय पर उपलब्ध था। इससे बाहर से आए किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। इस शानदार व्यवस्था ने मेले के आयोजन को और भी यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक भरत बालियान ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और किसानों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

