Anuj Tyagi
मुजफ्फरनगर में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, दो शातिर गिरफ्तार – लैपटॉप, सिम कार्ड, क्यूआर कोड समेत भारी मात्रा में सामान बरामद
मुजफ्फरनगर। थाना खालापार पुलिस ने मंगलवार को एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों का डाटा ऑनलाइन जुटाकर ठगी करता था। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल, सिम कार्ड, फर्जी दस्तावेज, विजिटिंग कार्ड, क्यूआर कोड समेत भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी खालापार महावीर सिंह के नेतृत्व में की गई।
कैसे चलता था फर्जी कॉल सेंटर?
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मेरठ रोड स्थित जे.के. कॉम्प्लेक्स में स्काईलाइन नाम से कॉल सेंटर चल रहा है। यहां से लोगों को कॉल करके नौकरी लगवाने का झांसा दिया जाता था और ठगी की जाती थी। मौके पर छापेमारी में दो आरोपी गिरफ्तार हुए।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंटरनेट से डाटा जुटाकर विभिन्न कंपनियों के फर्जी दस्तावेज बनाते और इंटरव्यू कॉल का झांसा देकर लोगों से रकम ऐंठते थे। एक व्यक्ति से कॉल करने पर इन्हें ढाई से पांच हजार रुपये मिलते थे।
गिरफ्तार आरोपी
- आहद पुत्र वसीम अहमद निवासी अम्बा विहार, थाना खालापार।
- जुबैर पुत्र गुलजार अहमद निवासी सरवट, थाना सिविल लाइन।
बरामदगी
- 15 जियो सिम के रेपर
- 08 जियो सिम, 01 एयरटेल सिम
- 03 लैपटॉप, 20 मोबाइल
- 45 विजिटिंग कार्ड (Skyline Group of Industries)
- 05 फर्जी एग्रीमेंट फाइलें
- 06 अलग-अलग नाम की मोहरें
- 17 कॉलिंग हिस्ट्री रजिस्टर, 02 बहीखाता
- 02 क्यूआर कोड, 02 सर्टिफिकेट आदि
कॉल सेंटर में काम कर रहीं महिलाएं भी पूछताछ में शामिल
गिरफ्तार आरोपियों ने 16 महिलाओं को नौकरी पर रखा था, जिन्हें 7-8 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था। सभी महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि यह काम अपराध की श्रेणी में आता है। वे केवल आरोपियों के कहने पर अलग-अलग कंपनियों की एचआर बनकर लोगों से बातचीत करती थीं।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
प्रभारी निरीक्षक महावीर सिंह, उपनिरीक्षक लोकेश कुमार गौतम, हेड कॉन्स्टेबल मौ. वकार, शिवओम भाटी, कॉन्स्टेबल विनोद कुमार, सोनू कुमार, राहुल कुमार, म0का0 मुस्कान व गवेन्द्र सिंह शामिल रहे।

