हरिद्वार में मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों के पैर धोकर लिया आशीर्वाद, यात्रा में अनुशासन की अपील
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में ओम पुल के निकट गंगा घाट पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर देशभर से आए कांवड़ियों के चरण धोकर उनका स्वागत किया और सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें शिवभक्त कांवड़ियों का आशीर्वाद लेने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ संस्कृति के संरक्षण के कार्य भी तेजी से हो रहे हैं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अयोध्या में राम मंदिर, उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर, केदारनाथ धाम और बदरीनाथ मास्टर प्लान सहित कई कार्य पूरे देश में संस्कृति के पुनरोत्थान का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश यात्रा को पूरे विश्व में पहचान दिलाई और स्वयं सीमांत क्षेत्र में जाकर भगवान आदि कैलाश व पार्वती कुंड के दर्शन किए। हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर निर्माण का कार्य भी प्रस्तावित है, जिससे हरिद्वार का स्वरूप और भव्य होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। पहली बार विशिष्ट मोबाइल एप, स्वास्थ्य केंद्र, शौचालय, पार्किंग, टिन शेड और विश्राम स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यात्रा मार्ग और हरिद्वार क्षेत्र में होटल और ढाबों में गुणवत्तापूर्ण भोजन की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कांवड़ क्षेत्र में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। वाटर एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है ताकि जाम में फंसे गंभीर मरीजों को गंगा और गंगनहर के जरिये निकटतम अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भक्ति है, वहां मर्यादा और अनुशासन भी जरूरी है। हाल में कुछ स्थानों पर उपद्रव और अनुशासनहीनता की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि शिव शक्ति कोई प्रदर्शन नहीं, बल्कि आंतरिक साधना और भगवान शिव की अराधना का पवित्र अनुष्ठान है। यात्रा के दौरान किसी को असुविधा न हो, इसका सभी को ध्यान रखना चाहिए। कांवड़ यात्रा के नियमों का पालन करना जरूरी है। कुछ लोग यात्रा के उद्देश्यों को भुलाकर उपद्रव की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं, उनसे अपील है कि वे विनम्रता पूर्ण आचरण करें, क्योंकि विनम्र और सहनशील भक्त ही आत्मिक शांति प्राप्त कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से सनातन धर्म की आड़ में छद्म वेशधारी ठगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत ऐसे लोगों को पकड़ा जा रहा है, जो धर्म को नुकसान पहुंचाकर समाज में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में श्रीमद्भागवत गीता का पाठ अनिवार्य किया गया है ताकि बच्चे शिक्षा के साथ जीवन जीने की कला और अध्यात्म की ओर भी जागरूक हों।

मुख्यमंत्री ने अपील की कि कांवड़ यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और यात्रा को अनुशासित व भक्ति भाव से संपन्न कराएं।

कार्यक्रम में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी, राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, देशराज कर्णवाल, हरिद्वार मेयर किरण जैसल, रुड़की मेयर अनीता देवी, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, मदन कौशिक, जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की मधु, गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, सभापति कृष्ण कुमार ठेकेदार, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, आईजी राजीव स्वरूप, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोवाल, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

