लेखपाल-ग्रामप्रधान की सांठगांठ से सरकारी जमीन पर कब्जा, पैमाइश में भी खेल
मुख्यमंत्री से शिकायत, नवागत तहसीलदार बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
राजसत्ता पोस्ट
गाजीपुर। योगी सरकार में बुलडोजर का खौफ भूमाफियाओं में भले ही दिख रहा हो, लेकिन कुछ भूमाफिया अब लेखपाल और राजस्वकर्मियों को साथ मिलाकर सरकारी जमीन कब्जाने का नया खेल खेल रहे हैं। ताजा मामला मुहम्मदाबाद तहसील के ग्रामसभा हुस्सेपुर कोठियां का है, जहां ग्राम प्रधान प्रीति और उनके पति शैलेश पर सरकारी चकमार्ग व पशुचर की जमीन पर कब्जा कर पक्का निर्माण कराने का आरोप है।
शिकायतकर्ता आशीष और दीपक समेत अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति शैलेश ने दबंगई दिखाते हुए गाटा संख्या 95, 97 और 44 पर कब्जा कर मकान बना लिया है। ग्रामीणों की शिकायत पर 9 फरवरी और 25 जून 2025 को उपजिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व टीम ने पैमाइश की, जिसमें ग्राम प्रधान के परिवार का कब्जा और पक्का निर्माण पाया गया।
लेकिन आरोप है कि लेखपाल रविकांत और कानूनगो नरेंद्र ने उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में खेल कर दिया। उन्होंने सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण में ग्राम प्रधान के भाई दीपक और परिवार के अन्य सदस्यों पर मुकदमा 67(1) के तहत कार्रवाई की सिफारिश की, लेकिन ग्राम प्रधान और उनके पति को रिपोर्ट में मकान में न रहने की बात कहकर बचा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि शैलेश और दीपक दोनों सगे भाई हैं और अपनी मां के साथ एक ही घर में रहते हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानपति शैलेश का पुराना आपराधिक इतिहास है और वह भ्रष्ट राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से गांव के लोगों की जमीन की गलत पैमाइश कराकर उनसे धन वसूली करता है। वहीं, लेखपाल रविकांत खुद को लेखपाल संघ का पदाधिकारी बताकर ग्रामीणों को धमकाता है।
इस पूरे मामले में नवागत तहसीलदार मुहम्मदाबाद महेंद्र कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त और अन्य उच्चाधिकारियों को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

