हरिद्वार। जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि को फिर से श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड का सदस्य नामित किया गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस संबंध में आचार्य महामंडलेश्वर को संदेश भेजा है।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि कहा कि वह उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का हृदय से आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने मुझे एक बार पुनः श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया है। जम्मू-कश्मीर भारत का मुकुटमणि है और बाबा अमरनाथ की कृपा संपूर्ण राष्ट्र पर बनी रहे, यही मेरी प्रार्थना है।
आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी भारतवासियों को एकजुट रहना चाहिए। अमरनाथ यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान न मानते हुए उन्होंने इसे राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक बताया और इसे निर्बाध संपन्न कराने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों की प्रशंसा की।
आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी भारतवासियों को एकजुट रहना चाहिए। अमरनाथ यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान न मानते हुए उन्होंने इसे राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक बताया और इसे निर्बाध संपन्न कराने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों की प्रशंसा की।
स्वामी अवधेशानन्द गिरि ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारे शूरवीर सशस्त्र बल सीमाओं की सुरक्षा जिस समर्पण से कर रहे हैं, वह संपूर्ण राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है। हमें अपनी सेना पर पूर्ण विश्वास है। हमारी सेना विश्व की सर्वाधिक सक्षम और समर्पित सेनाओं में से एक है।
उन्होंने बाबा अमरनाथ यात्रा की सफलता के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा एवं प्रबंधन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में की गई व्यवस्थाएं अत्यंत उत्कृष्ट एवं श्रद्धालुओं के अनुकूल हैं। उनकी भगवान से यही प्रार्थना है कि बाबा अमरनाथ की यह पवित्र यात्रा पूर्ण श्रद्धा, सुरक्षा और निर्बाधता के साथ संपन्न हो।
उन्होंने बाबा अमरनाथ यात्रा की सफलता के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा एवं प्रबंधन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में की गई व्यवस्थाएं अत्यंत उत्कृष्ट एवं श्रद्धालुओं के अनुकूल हैं। उनकी भगवान से यही प्रार्थना है कि बाबा अमरनाथ की यह पवित्र यात्रा पूर्ण श्रद्धा, सुरक्षा और निर्बाधता के साथ संपन्न हो।

