भारतीय रेल की इस पहल ने न केवल सेना के रणबांकुरों का अभिनंदन किया, बल्कि आम जनता को भी ऑपरेशन सिंदूर की गौरव गाथा से जोड़ा। यह आयोजन दर्शाता है कि देश का प्रत्येक नागरिक अपने वीर सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद न्याय की अखंड प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की वह गौरव गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
स्टेशन अधीक्षक संदीप भटनागर ने कहा कि ऑपरेशन की सफलता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भारतीय रेल ने देश के विभिन्न हिस्सों में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया है। जिसने देशवासियों के मन मस्तिष्क में राष्ट्रप्रेम और सेना के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया जा सके। इसके अलावा भारतीय रेल ने तिरंगा यात्रा के साथ तमाम स्थानों पर नुक्कड़ नाटक के जरिए भी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को जनमानस तक पहुंचाया।
इन स्टेशनों पर ट्राई कलर रोशनी से जगमग हुआ स्टेशन
रेलवे ने स्टेशनों को ट्राई कलर के झालर से सजाया गया था। जिसमें गौरीबाजार, बैतालपुर,देवरिया सदर, अहिल्यापुर, नूनखार, भटनी,नोनापार,भाटपाररानी, बनकटा, पिवकोल,सलेमपुर, लार रोड, तुर्तीपार, बरहज समेत अन्य छोटे स्टेशनों पर भी झालर की रोशनी से स्टेशन जगमगा रहे थे।
रेलवे ने कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से असम तक के रेलवे स्टेशनों पर झालर से सजाने का निर्देश मिला था। इसी क्रम में ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना के अदम्य शौर्य और पराक्रम के सम्मान के लिए जिले के सभी स्टेशन को सजाया गया है। -अशोक कुमार, जनसम्पर्क अधिकारी, वाराणसी।

