नई दिल्‍ली। आम्रपाली समूह के प्रोजेक्‍ट्स में फ्लैट बुक कराने वाले लोगों के लिए अच्‍छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह आम्रपाली समूह के प्रोजेक्‍ट्स में फ्लैट बुक कराने के बाद अपने घरों की डिलीवरी की मांग करने वाले खरीदारों की याचिका पर सुनवाई के लिए एक नई पीठ का गठन करेगा। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ से घर खरीदारों के एक वकील ने एक नई पीठ गठित करने का आग्रह किया, क्योंकि आम्रपाली समूह से संबंधित मामलों की सुनवाई तत्कालीन सीजेआई यू यू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा की जा रही थी, जो पद से 8 नवंबर को रिटायर हो गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में कसी थी बिल्‍डरों की नकेल

घर खरीदारों की ओर से पेश वकील एमएल लाहोटी ने याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि घर खरीदारों की शिकायतों की सुनवाई के लिए एक नई पीठ गठित करने की जरूरत है। तत्कालीन CJI ललित की एक पीठ आम्रपाली समूह से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने अपने 23 जुलाई, 2019 के फैसले में घर खरीदारों द्वारा दोहराए गए विश्वास को तोड़ने के लिए दोषी बिल्डरों पर नकेल कस दी थी। कोर्ट ने रियल एस्टेट कानून रेरा के तहत आम्रपाली समूह के पंजीकरण को रद करने का आदेश दिया था और इसे प्रमुख संपत्तियों से बाहर कर दिया था।

आम्रपाली समूह के खिलाफ कई गंभीर मामलों में चल रही जांच

सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बिल्‍डरों द्वारा कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का निर्देश दिया था, जिससे आम्रपाली समूह के 42,000 से अधिक घर खरीदारों को फैसले से राहत मिली। प्रवर्तन निदेशालय के अलावा, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) भी रियल एस्टेट समूह के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों की जांच कर रहे हैं।

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