Anuj Tyagi
जेल की सलाखों के पीछे पनपी मोहब्बत: राजस्थान के दो उम्रकैद सजायाफ्ता कैदियों ने पैरोल पर रचाई शादी
राजस्थान में अपराध जगत से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। राज्य के दो सबसे चर्चित हत्याकांडों में उम्रकैद की सजा काट रहे एक पुरुष और एक महिला कैदी ने आपस में विवाह कर लिया है। दोनों इस समय जयपुर सेंट्रल/ओपन जेल में बंद हैं और अदालत से मिली अस्थायी पैरोल के दौरान उन्होंने शादी का फैसला पूरा किया।
महिला दोषी की कहानी
प्रिया सेठ उस हत्याकांड में दोषी है, जिसने वर्ष 2018 में पूरे प्रदेश को हिला दिया था। उसने एक डेटिंग ऐप के माध्यम से युवक दुष्यंत शर्मा से संपर्क किया। मुलाकात के बहाने उसे अपने फ्लैट पर बुलाया गया, जहां युवक को बंधक बनाकर उसके परिजनों से मोटी रकम की मांग की गई। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में अदालत ने प्रिया सेठ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
पुरुष दोषी का आपराधिक रिकॉर्ड
वहीं हनुमान प्रसाद वर्ष 2017 में अलवर जिले में हुए सामूहिक हत्याकांड में दोषी करार दिया गया था। आरोप था कि उसने प्रेम प्रसंग के चलते एक महिला के पति समेत पांच लोगों की चाकू से हत्या कर दी थी। अदालत ने इस जघन्य अपराध में उसे भी उम्रकैद की सजा दी।
जेल में हुई मुलाकात, वहीं शुरू हुआ रिश्ता
दोनों सजायाफ्ता कैदी जेल में एक-दूसरे के संपर्क में आए। समय के साथ बातचीत बढ़ी और यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। दोनों ने अपने-अपने पुराने रिश्तों को पीछे छोड़ते हुए साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया।
कोर्ट से मिली अनुमति, होटल में हुआ विवाह
कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों ने अदालत में विवाह की अनुमति के लिए आवेदन किया, जिसके बाद सीमित अवधि की पैरोल मंजूर की गई। इसी पैरोल के दौरान 23 जनवरी 2026 को अलवर के एक निजी होटल में दोनों ने विवाह किया। शादी को लेकर सुरक्षा और गोपनीयता के विशेष इंतजाम किए गए थे।
यह मामला न केवल अपराध और सजा की सीमाओं को लेकर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जेल के भीतर भी मानवीय भावनाएं किस तरह नया मोड़ ले सकती हैं।

