शासन से स्वीकृत संग्रहालय के डीपीआर पर संस्कृति विभाग वृहद रूप से कार्य करने जा रहा है। इसके पीछे उसकी मंशा ऐसा संग्रहालय बनाने की है, जो सेना के नियम और मानक पर तो हो ही, साथ ही दर्शकों में रोमांच पैदा करने वाला भी हो। इसके लिए संस्कृति विभाग के अधिकारी अयोध्या में स्थापित डोगरा रेजिमेंट का संग्रहालय देखने जा रहे हैं।
आम आदमी के लिए खुलने वाला पहला संग्रहालय
संस्कृति विभाग के अनुसार गोरखा रेजिमेंट की सात शाखाएं हैं और हर शाखा में किसी न किसी रूप में संग्रहालय है। पर उसमें रखे प्रदर्श के अवलोकन की अनुमति केवल रेजिमेंट के अधिकारियों और सैनिकों को ही। गोरखपुर के गोरखा रेजिमेंट परिसर मेें बनने वाला संग्रहालय, ऐसा पहला संग्रहालय होगा, जो आम आदमी के लिए भी खुला रहेगा।
इसे लेकर संस्कृति विभाग उत्साहित है और संग्रहालय को वह स्वरूप देने की तैयारी कर रहा, जिसमें रखे प्रदर्श को देखते हुए लोगों में रोमांच पैदा हो जाए। प्रदर्श की उपलब्धता सुनिश्चित करना रेजिमेंट की जिम्मेदारी होगी क्योंकि संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव रेजिमेंट के अधिकारियों की ओर से आया था।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर संग्रहालय बनाने का अनुरोध किया था। जिस क्रम में यह प्रक्रिया आगे बढ़ी है। 45 करोड़ रुपये शासन से स्वीकृत होने के बाद पहले किस्त के रूप में 15 करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं।

