बिजरानी का शुल्क पहले 2500 रुपये था जो अब 2700 कर दिया गया है। इसी तरह झिरना, ढेला, दुर्गादेवी व गिरिजा पर्यटन जोन का शुल्क 2800 से तीन हजार रुपये कर दिया गया है। पार्क वार्डन अमित ग्वासाकोटी ने बताया कि एक अप्रैल से यह शुल्क लागू कर दिया जाएगा। कार्बेट की वेबसाइट में भी जिप्सियों के नये शुल्क की संशोधित सूचना अपलोड कर दी गई है। इसमें कालागढ़ के पाखरो व सोनानदी पर्यटन जोन के जिप्सी का संशोधित शुल्क शामिल नहीं है। इससे पूर्व नवंबर 2021 में जिप्सी का शुल्क बढ़ाया गया था।
मैदान में बढ़ा तापमान, पर्यटकों से गुलजार हुए पहाड़
अप्रैल अपने साथ बढ़ता हुआ तापमान लेकर आ गया है। मैदानी क्षेत्रों में उमस का प्रभाव बढ़ रहा है और फिर गुलजार होने लगा है शीतल पहाड़। इस समय मैदानी क्षेत्र से पर्यटकों का रुख बागेश्वर के पर्यटन स्थलों की ओर है। कौसानी, बैजनाथ तथा बागनाथ नगरी पर्यटकों से गुलजार है।
बागेश्वर नगर का तापमान अधिक रहता है, इसलिए पर्यटक बाबा बागनाथ के दर्शन के बाद कौसानी या बैजनाथ को लौट रहे हैं। मौसम साफ रहने से हिमालय की श्रृंखलाएं अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ रही है। ट्रेकिंग के शौकीनों का रुख पिंडारी की ओर है।
दिल्ली, महाराष्ट्र, कोलकाता, मुंबई, गुजरात, राजस्थान, जयपुर, हरियाणा आदि स्थानों के पर्यटकों की पहली पसंद कौसानी है। इसलिए सप्ताहांत ही नहीं, बल्कि यह खास हिल स्टेशन पूरे सप्ताह गुलजार है। यहां का तापमान इस समय 20 से 25 डिग्री के बीच है।

